झांसी। कलेक्ट्रेट के पास आईसीआईसीआई बैंक के अंदर शुक्रवार को बैंक कर्मी बनकर घुसा बदमाश एक व्यक्ति के 21 हजार रुपये लेकर भाग निकला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने चारों तरफ नाकाबंदी करके तलाश शुरू की, मगर हर बार की तरह इस बार भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं आया।
इंदौर के पंछी नगर निवासी रामचंद्र गुप्ता पुत्र सीताराम गुप्ता बिजनेस के सिलसिले में झांसी आए हुए थे, उन्हें किसी के खाते में 21 हजार रुपये जमा करवाने थे, इसके चलते वह कलेक्ट्रेट के सामने स्थित आईसीआईसीआई बैंक पहुंच गए। रुपये जमा करने का फार्म भरकर वह लाइन में लग गए, इसी दौरान उनके नजदीक एक व्यक्ति पहुंचा, उसने अपने आप को बैंक कर्मी बताकर मदद करने की बात कही। उसने रुपये जमा करने के फार्म में गलती निकालते हुए दूसरा फार्म भरने के लिए कहा।
इस पर रामचंद्र गुप्ता दूसरा फार्म भरने लगे तभी बैंक कर्मी बनकर आया बदमाश टेबल पर रखे उनके 21 हजार रुपये लेकर तेजी से बैंक से बाहर आ गया। उन्होंने शोर मचाते हुए बदमाश का पीछा किया मगर तब तक वह बैंक के बाहर आकर अपाचे से भाग निकला। इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। एसएसपी ने तुरंत आसपास के थानों की पुलिस को सतर्क करके नाकाबंदी करवाई और अपाचे सवार बदमाशों की तलाश शुरू करवा दी, पर बदमाश हाथ नहीं लगा। पुलिस ने बैंक से सीसीटीवी फुटेज लेकर बदमाशकी तलाश शुरू कर दी है। पीड़ित ने नवाबाद थाना पुलिस को लिखित तहरीर दे दी है।
बैंकों के अंदर हुई टप्पेबाजी की ये वारदातें
अब लोग बैंकों के अंदर भी सुरक्षित नहीं हैं। बदमाशों के बैंक कर्मी बनकर लोगों के रुपये लेकर भागने की यह तीसरी वारदात है। हैरानी की बात है कि हर घटना के पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए मगर अभी तक कोई सफलता नहीं मिली।
केस एक :-
पांच फरवरी को कसाई मंडी निवासी मोहम्मद आरिफ व सईद कलेक्ट्रेट के सामने आईसीआईसीआई बैंक में 2.15 लाख रुपये जमा कराने गए थे। आसिफ लाइन में लगा था, तभी एक बदमाश आया जिसने स्वयं को बैंक कर्मी बताया। उसने मदद करते हुए 10-10 रुपये के नोटों की गड्डी पर बैंक स्लिप लगाने को कहा। जब सईद स्लिप लगाने गया, तभी मौका पाकर बदमाश 1.88 लाख रुपये लेकर बैंक से भाग निकला। इसके फुटेज भी पुलिस के पास हैं, मगर अभी तक सुराग नहीं लगा है।
केस दो :-
एक अप्रैल को इलाइट चौराहा के पास एचडीएफसी बैंक में मोहर खां पुत्र चम्मू खां निवासी बिजौली प्रेमनगर 1.50 लाख रुपये जमा करवाने आए। वह बैंक में रुपये जमा करवाने वाली लाइन में लगे थे, तभी एक व्यक्ति उनके पास आया और खुद को बैंक कर्मी बताया। उसने रुपये जमा करने की स्लिप को गलत बताकर दूसरी भरने के लिए कहा। जब तक मोहर खां दूसरी स्लिप भरता तब तक बदमाश नगदी लेकर भाग निकला। इस वारदात के भी पुलिस के पास फुटेज हैं, मगर बदमाश आज तक नहीं मिले।
इन वारदातों में बदमाशों ने बैंक से किया पीछा
केस एक:-
12 फरवरी को चिरगांव निवासी प्रभा देवी ने अपने पुत्र सौरभ के साथ स्टेडियम के सामने स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा से 12 हजार रुपये निकाले। रुपये लेकर मां-बेटा पैदल चित्रा चौराहा पहुंचे तभी बाइक सवार बदमाश उनके हाथों से नोटों का बैग छीनकर भाग गए। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि बैग छीनकर ले जाने वाले बाइक सवार बदमाश उसे बैंक के अंदर मिले थे। इसके भी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए थे।
केस तीन :-
16 फरवरी को ओरछा के प्रतापपुरा स्थित एक दुग्ध कंपनी के मैनेजर राजीव कुुमार पांडेय ने स्टेट बैंक की मुख्य शाखा से पांच लाख रुपये निकाले, जहां से बदमाश पीछे लग गए। वह एसएसपी आवास के सामने जानकी पुरम् कालोनी में एक मकान के अंदर चले गए। इसी दौरान आए बाइक सवार तीन बदमाश कार चालक से टप्पेबाजी करके पांच लाख रुपये लेकर भाग गए। इस वारदात के भी फुटेज पुलिस के कब्जे में हैं, मगर अभी तक कोई बदमाश पकड़ा नहीं जा सका है।