झांसी। पैसे के लेनदेन को लेकर हुई जमीन कारोबारी अनूप कुमार शर्मा की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनीषा की अदालत ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
सिविल लाइन निवासी अनूप कुमार शर्मा 17 जनवरी 2013 की शाम घर बाहर निकले थे, लेकिन इसके बाद वह लौटकर नहीं आए। परिजनों ने सीपरी बाजार थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। काफी तलाश के बाद भी अनूप का कोई पता नहीं चल पाया था। 19 जनवरी 2013 को उनकी कार दतिया जिले में लावारिस हालत में बरामद हुई थी। इसके बाद दो फरवरी 2013 को अनूप का शव नोटघाट पुल के पास से बरामद हुआ था। इस मामले में अनूप के भाई संजय शर्मा ने पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त तारिक खां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
दोस्ती में दिया था दगा
मृतक के भाई संजय शर्मा ने बताया कि अनूप और तारिक खां में सत्ताइस साल पुरानी दोस्ती थी। अनूप अपने दोस्त पर बहुत विश्वास करते थे। लेकिन, पैसों की खातिर तारिक ने अपने पुराने रिश्तों को भुला दिया। तारिक ने केवल उनके भाई की ही नहीं, बल्कि दोस्ती के रिश्ते की भी हत्या की थी।