झांसी। बेरोजगारों को नौकरी लगवाने का झांसा देकरलाखों रुपये की ठगी करने वाले जालसाज को पब्लिक ने पकड़कर पहले तो पीटा तथा बाद में नवाबाद थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। उसके पास से फर्जी नाम से बनाई गई कंपनी के दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
सदर बाजार थानांतर्गत खिरक पट्टी निवासी सुभाष बाबूराम पुत्र रामप्रकाश ने नवाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है कि अनुराग विश्वकर्मा पुत्र रामप्रसाद निवासी हिंद नगर कानपुर रोड थाना सरोजनी नगर लखनऊ, संतोष पुत्र बहादुर प्रसाद निवासी सरोजनी नगर लखनऊ व अंसार हुसैन पुत्र इशरार निवासी पुरानी मसजिद लखीमपुर खीरी ने उससे व तीन-चार लोगों से सीएसएस टेलीकॉम कंपनी और डीजल फिलिंग के कार्य में नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपये हड़प लिए हैं।
एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि पब्लिक जालसाज अनुराग विश्वकर्मा को पकड़कर थाने पर आई और पूरे मामले की जानकारी दी, इस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया उसके पास से कई कंपनियों के लैटर हेड, परिचय पत्र व फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। उसने बताया कि वह पहले कई मोबाइल टावर कंपनियों में काम कर चुका है। इसकी वजह से मोबाइल टावर लगाने, टावरों के रखरखाव व कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी है।
इसका लाभ उठाकर उसने अपने संपर्क सूत्रों के माध्यम से लोगों को मोबाइल टावर लगाने, डीजल सप्लाई का ठेका दिलाने, टेक्नीशियन व सर्वेयर के पदों पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर रुपये वसूलना शुरू कर दिया। उसने अपने साथियों की मदद से झांसी में भी जाल फैलाया।
उसने दो लोगों से टावर लगवाने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये वसूले। उन्हें एक कंपनी के फर्जी दस्तावेज तैयार कर दे दिए जिसमें फर्जी वेंडर कोड बनाकर दे दिया। एसएसपी ने बताया कि शातिर अनुराग झांसी में 12 और प्रदेश में करीब 30 लोगों को अपनी जालसाजी का शिकार बना चुका है।