झांसी। बरुआसागर पुलिस थाने में थाना प्रभारी के पद पर तैनात आईपीएस चारु निगम पर नगर पालिका के पार्षद ने मारपीट का आरोप लगाया है।
पीड़ित ने डीआईजी को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उसे घसीटकर जीप से थाने ले जाकर मारपीट की गई तथा हवालात में बंद कर दिया गया।
बंद करते समय ली गई सोने की अंगूठी व 1500 रुपये भी वापस नहीं लौटाए गए। एसपी सिटी को आईपीएस थाना प्रभारी के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं, चारु निगम ने आरोपों को निराधार बताया है।
पार्षद हरीराम साहू निवासी सिनौनिया फाटक ने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि 20 अप्रैल की दोपहर वह अपने आवास पर लोगों से समाजवादी पेंशन के फार्म भरवा रहे थे। इसी दौरान थाना प्रभारी चार पुलिस कर्मियों को लेकर कमरे में घुसीं और अभद्रता से बात करने लगीं। अवैध कारोबार करने का आरोप लगाते हुए घर का कोना-कोना छान मारा।
जाते समय जब उन्होंने बिना सर्च वारंट के घर में घुसकर तलाशी लेने व अभद्रता की शिकायत उच्चाधिकारियों व पार्टी के नेताओं से करने की बात कही। इस पर वह बौखला गई और लाठी-डंडों से मारते हुए कपड़े फाड़ दिए। घसीटकर घर से बाहर ले गईं और चौराहे तक पीटा। पत्नी ने बचाया तो उनके साथ भी अभद्रता कर दी।
पुलिस कर्मियों के सहयोग से वह जीप में डालकर थाने ले गई, जहां हवालात में बंद कर दिया। जब थाने पर समर्थकों का विरोध बढ़ने लगा तो छोड़ दिया। आरोप है कि थाने से सोने की अंगूठी व 1500 रुपये वापस नहीं दिए। इस मामले की शिकायत बुधवार को डीआईजी से की गई, इस पर एसपी सिटी को जांच के आदेश दिए गए।
आईपीएस थाना प्रभारी चारू निगम का कहना है कि हरीराम साहू के दो भाई मिट्टी के तेल का गलत तरीके से कारोबार करते हैं। पूर्व में एक के पास से अवैध मिट्टी का तेल पकड़ा भी जा चुका है। निवाड़ी में भी पकड़े जा चुके हैं। वह मिट्टी का तेल बरामद करने गई थीं, जहां उनसे अभद्रता करने लगा था। अंगूठी व रुपये नहीं लौटाने का आरोप भी निराधार है।