झांसी। कूटरचित तरीके से बैनामा कराने, स्टे के बावजूद निर्माण कराने का विरोध करने पर तेजाब डालने का मुकदमा पूर्व मंत्री समेत 11 लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने शनिवार को दर्ज कर लिया। कोर्ट के आदेश पर दर्ज मुकदमे को कोतवाली पुलिस ने थाना सदर बाजार भेज दिया है।
मधुरिमा पटैरिया पत्नी राजू पटैरिया निवासी पानी वाली धर्मशाला कोतवाली ने बताया कि पूर्व मंत्री रविंद्र शुक्ला निवासी चंदा होटल के पीछे सिविल लाइन, उनके पुत्र निशांत शुक्ला ने 26 दिसंबर 2015 को कमलेश कुमार पुत्र स्व. बाबूलाल से जमीन क्रय करना बताया है। उनका कहना है कि बाबूलाल ने 22 जनवरी 1954 में यह भूमि कल्लू से क्रय की थी, जबकि बाबूलाल की पैदाइश 10 अक्तूबर 1959 है। इस स्थिति में रविंद्र शुक्ला ने धोखाधड़ी, कूटरचना व बेइमानी से बैनामा कराया है।
उक्त मकान को उन्होंने अपनी ताकत के बल पर गिराया था। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वह जमीन पर मौजूद थीं। तभी पूर्व मंत्री रविंद्र शुक्ला आए और जमीन पर काम कराने लगे। जब उसने व पति ने रोककर कोर्ट का स्टे दिखाया तो उन्होंने मानने से इनकार कर दिया। इस दौरान उनके गनर महीपत सिंह ने राइफल अड़ा दी। ड्राइवर अजय सिंह परमार, राजेश भट्ट, नितिन बाजपेयी, विवेक यादव व तीन अन्य भाजपा पदाधिकारी ने राजू पटैरिया को लात-घूसों से पीटा।
इतने में समीप ख़ड़े निशांत शुक्ला ने अपने भाई रुचिर शुक्ला से तेजाब डालने को कहा, जिस पर रुचिर ने तेजाब राजू के ऊपर डाल दिया। पीड़िता ने रुचिर को धक्का दिया बावजूद इसके तेजाब पति के चेहरे पर गिर गया। वह थाने पर शिकायत करने गई, जहां पूर्व मंत्री सैकड़ों लोगों के साथ लोग मौजूद थे। 17 अप्रैल को उसने एसएसपी से शिकायत की मगर आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। इसकी वजह से मजबूर उसे कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।