झांसी। दतिया गेट बाहर शांति निवास के फ्लैट नंबर 21 में पूनम वर्मा की मौत के मामले में कोतवाली पुलिस की जांच पति और कालोनी के एक व्यक्ति पर केंद्रित हो गई है। पुलिस का दावा है कि पूनम की गला दबाकर हत्या इनमें से किसी एक ने ही की है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
कानपुर की गल्ला मंडी निवासी पूनम ने गंगा नगर पनकी निवासी विनीत राजपूत से 2009 में लव मैरिज की थी। विरोध के चलते दोनों झांसी में रहने लगे। उनके चार साल की बेटी एंजिल है। विनीत सोलर लाइट का कानपुर में कारोबार करता है। मंगलवार की सुबह पूनम का शव घर पर मिला था। मौके पर पहुंची पुलिस ने पूनम की चार साल की बेटी एंजिल से बातचीत की। उसने बताया कि सोमवार शाम को पापा (विनीत) घर पर थे। उनका मम्मी (पूनम) से झगड़ा हुआ था।
पुलिस ने विनीत को फोन किया तो उसने बताया कि वह कानपुर से झांसी के लिए रवाना हो गया है। विनीत की बात सुनकर पुलिस का माथा ठनका। पूनम के मोबाइल फोन की डिटेल निकाली तो एक संदिग्ध मोबाइल नंबर भी हाथ लगा। इस नंबर पर पूनम की अक्सर लंबी बातचीत हुआ करती थी। तलाश करने पर पता चला कि फोन कालोनी की ही एक व्यक्ति का है। उसे भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोपहर में विनीत अपने ताऊ के पुत्र के संग कानपुर से आ गया। उसके ससुरालीजन भी आ गए।
आमने-सामने आने पर उनके बीच में वाद-विवाद होने लगा, जिस पर पुलिस नजर रखे थी। विनीत ने अनजान बताते हुए कई ऐसी बातें कहीं, जिससे पुलिस का शक गहराने लगा। वह ससुरालियों को अलग-अलग तर्क देकर अपने को निर्दोष बताते हुए पक्ष रख रहा था। जब पुलिस ने विनीत से अलग से पूछताछ की तो वह हर बात पर यही कहने लगा कि ‘..तो क्या मैने हत्या कर दी है। कहने का क्या मतलब है? मैने हत्या कर दी है’। इससे पुलिस का शक गहरा गया और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
कोतवाली प्रभारी आशीष मिश्रा का कहना है कि एंजिल की बात और दरवाजे का खुला मिलने इस बात का ठोस सबूत दे रही हैं कि किसी खास ने ही पूनम की हत्या की है। विनीत पूछताछ करने पर बार-बार बातें बदल रहा है, जिससे शक गहरा गया है। पूनम की जिससे फोन पर बात होती थी, उसे भी शक के आधार पर हिरासत में लिया गया है।