बृहस्पतिवार सुबह बुंदेलखंड विश्वविद्यालय चौकी पुलिस पोस्टमार्टम हाउस पंचनामा भरने पहुंची तो उसके हाथ-पैर फूल गए। वहां से एक शव गायब था। वहां मौजूद कर्मचारियों से शव के बारे में जानकारी ली तो वह जवाब नहीं दे सके। काफी देर छानबीन करने पर पता चला कि परिजन बिना बताए ही शव ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया। स्थिति साफ होने पर पुलिस ने राहत की सांस ली।
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के राजीव नगर महावीरनपुरा निवासी दशरथ पाल (38) बीएसएनएल में प्राइवेट गाड़ी चलाता था। मंगलवार को पेट मेें अपेंडिक्स का दर्द होने पर परिजनों ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। बुधवार की शाम उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। अस्पताल कर्मचारियों ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय चौकी पुलिस को मेमो भेजने के बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। बृहस्पतिवार सुबह जब चौकी पुलिस पंचनामा भरने की कार्रवाई करने पोस्टमार्टम हाउस पहुंची तो वहां दशरथ का शव न पाकर परेशान हो गई। पुलिस ने कर्मचारियों से शव के बारे में पूछा तो वे भी कोई जवाब नहीं दे सके। देखते ही देखते यह बात पूरे में फैल गई कि पोस्टमार्टम हाउस से शव गायब हो गया है।
इधर, प्रेमनगर थानाध्यक्ष धर्मवीर चौहान मृतक के घर पहुंचे तो पता चला कि रात में ही परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। परिजनों ने बताया कि मृतक की किसी दुर्घटना व अन्य किसी कारण से मौत नहीं हुई थी। इस कारण अस्पताल में मौजूद कुछ लोगों ने उनको बताया कि पोस्टमार्टम की जरूरत नहीं है। इस पर वह शव को ले आए और रात में ही अंतिम संस्कार कर दिया।
पहले ही शव ले गए थे परिजन
सीएमओ डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि दशरथ की मौत के बाद ही मेमो पुलिस के पास भेज दिया गया था। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा जाना था, मगर इसके पहले ही परिजन शव को लेकर चले गए। पुलिस अगर रात में ही शव की चिंता कर लेती तो शायद ऐसा नहीं होता।