झांसी। ग्राम अठोंदना में रविवार की मध्य रात में वनमाली केवट का शव मिला था, जिसकी पीट-पीटकर हत्या करने में उसके ही पुत्र समेत गांव के कुछ लोगों को नामजद किया गया था। अब सोमवार की दोपहर में पिता के शव मिलने वाले स्थान से ही कुछ दूरी पर हत्यारोपी बेटे केशराम का भी शव मिल गया है। इससे पिता-पुत्र हत्याकांड का रहस्य गहरा गया है।
रक्सा थाना क्षेत्र के ग्राम अठोंदना निवासी वनमाली केवट का क्षत-विक्षत शव रविवार की रात लगभग 12 बजे गांव में तालाब के पास जंगल में पड़ा मिला था, उसके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों पर धारदार हथियारों व लाठियों से हमले के निशान थे। मृतक के छोटे पुत्र मुकेश ने अपने बड़े भाई केशराम उर्फ केशव पर ही अपने साथियों ग्राम अठोंदना निवासी अमर सिंह, लाखन सिंह व आशाराम के साथ मिलकर अपने पिता वनमाली की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने चारों के खिलाफ हत्या का मामला रात में दर्ज करके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। अभी मामले की जांच चल ही रही थी कि सोमवार को पहाड़िया पर वनमाली की हत्या में नामजद बेटे केशराम का भी शव मिला।
आनन-फानन में रक्सा थाना प्रभारी इमरान खान मय पुलिस बल के घटना स्थल पर पहुंचे। शव मुंह के बल पड़ा था, उसे सीधा किया गया तो सभी हतप्रभ रह गए। शव अपने पिता की हत्या में नामजद केशराम उर्फ केशव का था। एसएसपी मनोज तिवारी, एसपी सिटी गरिमा सिंह, सीओ सिटी कल्याण सिंह यादव आदि मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।
उधर, शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार मृतक वनमाली केवट के पुत्र मुकेश ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि नामजद आरोपियों व उसके भाई केशराम ने उसके पिता की हत्या कर दी और अन्य आरोपियों ने घटना खुलने के डर से बाद में उसके भाई केशराम को भी पत्थरों से कुचलकर मार दिया।
थाना प्रभारी इमरान खान ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। अभी तक की जांच में यह तो स्पष्ट हो चुका है कि इस दोहरे हत्याकांड में परिवार का कोई सदस्य शामिल है। फिर भी जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर ही हत्यारोपियों तक पहुंचा जाएगा।
ये भी हैं जांच के बिंदु
झांसी। रक्सा थाने में मृतक के वादी मुकेश द्वारा दर्ज कराए गए हत्या के मामले में पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है, इनमें कुछ तथ्य निकलकर सामने आए हैं, जो पुलिस जांच में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।
-जांच में पूछताछ के दौरान पुलिस को मृतक वनमाली की पत्नी कपूरी ने बताया कि मुकदमे में नामजद गांव के अमर सिंह, लाखन व आशाराम एवं उसका पति गांव के तालाब में जाल लगाकर मछली पकड़ते थे। आए दिन उसके पति का विपक्षियों से विवाद होता था। विपक्षी उसे जान से मारने की धमकी देते थे। उसने विपक्षियों पर ही अपने पति व पुत्र केशराम की हत्या का आरोप लगाया।
-ग्रामीणाें ने पुलिस को बताया कि एक नामजद हत्यारोपी की पुत्री को मृतक वनमाली का पुत्र कुछ समय पहले फुसलाकर ले गया था। मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। संभवत: इसी घटना का बदला लेने के लिए पिता-पुत्र की हत्या की गई है।
-पुलिस की माने तो मुकदमे का वादी भी शक के दायरे में है। उससे भी पूछताछ की जा रही है, क्योंकि रविवार को हत्यारोपी मृतक केशराम काफी समय बाद बाहर से गांव वापस लौटा और अपने घर न जाकर साथियों के साथ शराब पीने लगा। रात में जब वनमाली का शव मिला तो गांव वालों ने केशराम के बारे में पुलिस व परिजनों को जानकारी दी। केवल ग्रामीणों के कहने भर पर केशराम को अपने पिता की हत्या में नामजद करा दिया गया।