झांसी। दीक्षित बाग में हीरे जड़ित सोने के जेवर और नगदी से भरा थैला लूटने मामले का बुधवार को खुलासा हो गया है। पुलिस ने 1.400 किलो सोने के जेवर और 1.50 लाख रुपये बरामद ड्राइवर सहित चार लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया है। जेवर की कीमत लगभग 42 लाख रुपये है। आईजी जकी अहमद ने पुलिस टीम को 15 हजार रुपये बतौर पुरस्कार देने की घोषणा की।
सराफा कारोबारी विवेक अग्रवाल 29 दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसकी दुकान पर काम करने वाले जितेंद्र और रवि इंडिका कार से गहने लेकर ललितपुर बाजार गए थे। कार को प्रेमनगर निवासी अजय यादव चला रहा था। तीनों ललितपुर से बचे जेवर और तगादे के रुपये लेकर झांसी आए। अजय ने कार दीक्षित बाग के गैराज में खड़ी की, जहां से जितेंद्र और रवि बाइक से दीक्षित बाग घर आ रहे थे। घर के नजदीक बदमाशों ने जेवर व नगदी से भरा थैला लूट लिया। एसएसपी मनोज तिवारी ने एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, सीओ सिटी कल्याण सिंह, स्वॉट टीम प्रभारी विक्रम सिंह, कोतवाली प्रभारी आशीष मिश्रा को वारदात का खुलासा करने के लिए लगाया।
एसएसपी ने बताया कि स्वॉट टीम प्रभारी मंगलवार की शाम बदमाशों की तलाश में मिनर्वा चौराहा पर मौजूद थे। तभी सूचना मिली कि सफेद स्कार्पियो में बदमाश ग्वालियर की तरफ जा रहे हैं। पुलिस ने आयुर्वेद संस्थान के सामने घेराबंदी कर ली। तभी बीकेडी की तरफ से आई स्कार्पियो पुलिस को देख मुड़कर भागने लगी। पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया। इसमें सवार राजू यादव , आजाद यादव , राहुल यादव और प्रदीप यादव को दबोच लिया। उनके पास से एक किलो 400 ग्राम सोने के हीरे जड़ित जेवर, 1.50 लाख रुपये नगद, चार तमंचे, 10 कारतूस, स्कार्पियो और बाइक बरामद कर ली।
पूछताछ में राजू यादव ने बताया कि उसका चाचा आजाद यादव सराफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के यहां कई साल से ड्राइवर था। वह हर लेनदेन और व्यवसाय की पूरी जानकारी रखता था।
उसने ही बताया कि लाखों-करोड़ों के सोने-चांदी का रोजाना व्यापार करते हैं जिसे आसानी से लूटा जा सकता है। जिस पर चारों ने मिलकर लूट की योजना बनाई और आजाद ने रास्ता बताया। स्कार्पियो से इलाके की पूरी रैकी की। आजाद ने लूट का दिन, समय व स्थान निश्चित किया। इसके बाद उन्होंने तमंचा के बल पर जेवर और नगदी से भरा थैला लूट लिया। बाइक से सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के बाद स्कार्पियो से रिश्तेदारी में निकल गए थे। उन्होंने बताया कि थैला में 1.800 किलो सोना व अन्य धातु के जेवर व 4.76 लाख रुपये थे।
कुछ दिन पहले उन्होंने लूट के जेवरात में से कुछ बेचकर रुपये हासिल करने के चक्कर में सर्राफा बाजार में अपने ही गांव के परिचित के माध्यम से कुछ जेवर भेजे थे। जिसकी भनक पुलिस को लग गई थी। मामला खुलासा करने में स्वाट टीम प्रभारी विक्रम सिंह, बृजमोहन यादव, नरेंद्र, संजीव शर्मा, चंद्रशेखर यादव, संजीव कुमार, कोतवाली प्रभारी आशीष मिश्रा, एसआई राजीव वैस, प्रभारी सर्विलांस मनोज मिश्रा, दुर्गेश चौहान, नरेश यादव, मंडी चौकी प्रभारी सुनीत कुमार की भूमिका रही।