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पहली खेप में ही कम निकला बायो डीजल

Sun, 01 May 2016 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। रेलवे बोर्ड के आदेश पर बायो डीजल सप्लाई की पहली खेप में ही तेल कम निकला है। शनिवार को यह मामला फ्यूल स्टाफ की सतर्कता से डीजल लोको शेड डिपो में पकड़ा गया। इसके बाद पैसेंजर यार्ड डिपो में दूसरे टैंकर से डीजल खाली करवाने की प्रक्रिया को रोक दिया।
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रेलवे बोर्ड ने इंजनों को चलाने में प्रयोग होने वाले डीजल में पांच प्रतिशत बायो डीजल मिलाने के निर्देश दिए है। ताकि प्रदूषण कम हो व राजस्व को भी बचाया जा सके। बायो डीजल के प्रयोग को बीस प्रतिशत तक ले जाना है। शनिवार को कोलकाता स्थित ईमामी एग्रो कंपनी से दो टैंकर बायो डीजल झांसी आया। इनमें टैंकर गाड़ी संख्या डब्लूबी 29 ए 0737 को डीजल लोको शेड व टैंकर संख्या डब्लूबी 29 ए 9262 को पैसेंजर यार्ड डिपो में खाली होने को भेजा गया। दोनों टैंकरों 24- 24 हजार लीटर बायो डीजल लाया गया था। टैंकर के पांच चैंबरों में डीजल भरा होता है।

डीजल लोको शेड डिपो में जब टैंकर खाली किया जा रहा था, तब फ्यूल इंस्पेक्टर जसविंदर सिंह व अन्य स्टाफ ने 1048 लीटर की घटतौली पकड़ ली। तुरंत इसकी जानकारी पैसेंजर यार्ड के फ्यूल इंस्पेक्टर आर के कुशवाहा को दी गई। इस पर पैसेंजर यार्ड डिपो में खड़े टैंकर से डीजल खाली करवाने की प्रक्रिया को रोक दिया गया। इधर, खबर लगते ही सहायक मंडल यांत्रिक अभियंता सुभाष शुक्ला, मंडल ईंधन निरीक्षक एम के सक्सेना भी मौके पर पहुुंच गए। बाद में पैसेंजर यार्ड में खड़े टैंकर की जांच में पाया गया कि चैंबर के नीचे बेल्डिंग (छेड़खानी) की गई थी, जिससे टैंकर में क्षमता से कम तेल आ रहा था। इस टैंकर में भी 1100 लीटर बायोडीजल कम होने की संभावना थी। इससे साफ हो गया कि कंपनी से ही डीजल कम भेजा गया है। बाद में एक ज्वाइंट नोट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंप दिया गया।
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