मध्य प्रदेश संपर्क क्रांति में यात्रियों से अवैध वसूली कर रहा एक फर्जी दरोगा आरपीएफ को देख शौचालय में घुस गया, जिसे दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला गया। इससे पहले वह खुद को थाना प्रभारी बताकर मध्य प्रदेश की आंतरी चौकी में आमद कराकर आया था। डबरा पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
सोमवार की रात आरपीएफ को ग्वालियर पुलिस कंट्रोल ने सूचना दी कि नई दिल्ली से जबलपुर जाने वाली 12122 मध्य प्रदेश संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में एक युवक फर्जी तरीके से मध्य प्रदेश पुलिस के उपनिरीक्षक की वर्दी पहनकर जा रहा है। रात 23.42 बजे ट्रेन के प्लेटफार्म दो पर खड़े होते ही आरपीएफ प्रभारी राजीव उपाध्याय के नेतृत्व में जवानों ने कोचों की चेकिंग शुरू की। जवानों ने एस-वन कोच में एक वर्दीधारी को शौचालय में जाते हुए देख लिया। जवानों ने आवाज लगाकर शौचालय को खुलवाने की कोशिश की, मगर वर्दीधारी बाहर नहीं निकला। इसके बाद सीएंडडब्ल्यू कर्मचारियों को बुलवाकर दरवाजे की कुंडी तुड़वाई गई, तब कहीं जाकर वर्दीधारी को बाहर निकाला जा सका। वह वैभव सिंह सेंगर के नाम की नेमप्लेट वर्दी पर लगाए था। इस बीच एक बार ट्रेन की चेन पुलिंग भी करनी पड़ी। बाद में वर्दीधारी को थाने ले जाया गया। वर्दीधारी के बैग की तलाशी में दो मोबाइल व 8800 रुपये मिले। वर्दीधारी ने रुपये यात्रियों से वसूले थे।
थाने में पूछताछ में उसने अपना नाम औरैया के अजीतमल थाना क्षेत्र के ग्राम भोलेपुर व हाल मारुति नगर कॉलोनी वेटमा जिला इंदौर निवासी शिव नारायण सिंह बताया। जांच के दौरान पता चला कि वर्दीधारी आंतरी चौकी में आमद कराके आया है और वहां कुछ सरकारी काम भी किया। उसके जाने पर जब वहां की पुलिस को पता चला कि वह फर्जी दरोगा था, तब से डबरा पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। डबरा पुलिस को उसके पकड़े जाने की सूचना दी गई। डबरा पुलिस झांसी आ गई। आरपीएफ ने आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे डबरा पुलिस के सुपुर्द कर दिया।