झांसी। ग्वालियर से आने वाली ट्रेन में टाइम बम होने की सूचना से शुक्रवार दोपहर को पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। टाइमर में बम फटने का समय शाम 4.05 बजे सेट होने से सभी की सांसें थमी रहीं। जिला पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारी बम निरोधक दस्तों और डॉग स्क्वाड को लेकर स्टेशन पहुंच गए। उन्होंने दो घंटे तक प्लेटफार्म एक, दो व तीन का चप्पा-चप्पा खंगाल डाला। ग्वालियर से आई समता व मंगला एक्सप्रेस को चारों तरफ से घेरकर सघन तलाशी ली। जब बम की सूचना अफवाह निकली तब पुलिस ने राहत की सांस ली।
एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद के कार्यालय से इनपुट मिला कि ग्वालियर से आने वाली ट्रेन में टाइम बम रखा हुआ है। जिसके फटने का समय टाइमर में 4.05 बजे फीड किया गया है। टाइम बम इंजन के पीछे लगी एक-दो बोगी में रखा है। सूचना देने वाले ने टाइमर में भरे गए टाइम 4.05 बजे को देखा है।
वह ट्रेन के बारे में नहीं बता सका है। यह बम नक्सलियों ने रखा है। इसकी सूचना मिलने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस पर एसएसपी, एसपी सिटी कई थानों का फोर्स, बम निरोधक दस्ता व डॉग स्क्वाड लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचे। तब तक जीआरपी व आरपीएफ सूचना से अनभिज्ञ थी। कुछ देर बाद जीआरपी एसपी और आरपीएफ कमांडेंट को भी इनपुट मिल गया।
कुछ ही देर में आरपीएफ कमांडेंट आशीष मिश्रा और एसपी जीआरपी सतेंद्र कुमार फोर्स, बम निरोधक दस्ता व खोजी कुत्तों के साथ स्टेशन पहुंच गए। तीनों पुलिस बल के अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक, दो व तीन की सघन तलाशी ली। यात्रियों के सामानों को चेक किया। जगह-जगह रखे कूड़ेदान भी खंगाल डाले। रेल की पटरियों के पास पड़े कूड़े के ढेरों को भी बिखराकर देखा गया। इसके बाद पुलिस की टीमें प्लेटफार्म नंबर तीन पहुंचीं, जहां ग्वालियर से आने वाली गाड़ियों को आना था। जैसे ही समता एक्सप्रेस आई वैसे ही पुलिस ने चारों तरफ से ट्रेन को घेर लिया। उसके चालक को इंजन से उतारकर सघन तलाशी ली गई। जब कुछ नहीं मिला तो गाड़ी को समय से रवाना कर दिया गया। इसके बाद मंगला एक्सप्रेस आई, जिसकी भी पुलिस फोर्स ने सघन तलाशी ली। बावजूद इसके पुलिस फोर्स रेलवे स्टेशन पर 4.05 बजने का इंतजार करता रहा। जब यह समय गुजर गया तब पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
भोपाल से आई थी लखनऊ सूचना
एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि पुलिस के भोपाल हेड क्वार्टर को दोपहर में इनपुट मिला कि ग्वालियर से झांसी की तरफ आने वाली ट्रेन के अंदर टाइम बम रखा गया है, जिसके फटने का समय 4.05 बजे है। यह बम किसी नक्सली ने रखा है। सूचना देने वाला शख्स ट्रेन का नाम नहीं पढ़ सका है। यह सूचना भोपाल से लखनऊ डीजीपी कार्यालय को दी गई, जहां से जिला पुलिस को हाई अलर्ट जारी किया गया।
इन ट्रेनों की हुई जांच
रेलवे स्टेशन पर सिविल पुलिस, जीआरपी व आरपीएफ ने स्टेशन पर 2.45 बजे जांच शुरू की। जांच के दौरान लक्ष्य ग्वालियर से आने वाली ट्रेनों थीं। सर्वप्रथम प्लेटफार्म नंबर तीन पर दोपहर 3.02 बजे आई निजामुद्दीन से विशाखापटनम जाने वाली गाड़ी संख्या 12808 अप समता एक्सप्रेस में डॉग स्क्वाड की मदद से चेकिंग की गई। यह गाड़ी 3.12 बजे गंतव्य के लिए रवाना हो गई। इसके बाद 3.45 बजे प्लेटफार्म तीन पर आई निजामुद्दीन से अर्नाकुलम जाने वाली गाड़ी संख्या 12618 अप मंगला एक्सप्रेस को चेक किया गया। इस ट्रेन के इंजन पर चढ़कर एसएसपी मनोज तिवारी व आरपीएफ कमांडेंट आशीष कुमार मिश्र ने खुद जांच की। ट्रेन के जनरल कोचों की सघन जांच की गई। यह ट्रेन 3.53 बजे गंतव्य के लिए रवाना हो गई। इसके अलावा गाड़ी संख्या 19666 उदयपुर खजुराहो इंटरसिटी, 09013 लखनऊ स्पेशल ट्रेन, 51817 झांसी-बांदा पैसेंजर व 12279 ताज एक्सप्रेस की भी जांच की गई।
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म दो पर बने चालक-गार्ड लॉबी के बगल में ही बॉक्स रूम बना है। इस रूम में चालक व गार्डों के बक्से रखे रहते हैं, जो वह ड्यूटी में अपने साथ ले जाते हैं। इन बक्सों में वह आवश्यक उपकरण व खाने पीने की सामग्री रखे रहते हैं। जांच के दौरान बाक्स रूम में कई खाली बक्से मिले, जिनको हटाने के आदेश दिए गए।
बेवजह परेशान हुए यात्री
बम की सूचना पर रेलवे स्टेशन दो घंटे तक छावनी बना रहा। इस दौरान प्लेटफार्म, बुकिंग हॉल आदि स्थानों पर यात्रियों के सामान की जांच की गई। इस कारण यात्रियों को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ा।
लावारिस दो पहिया वाहनों को उठाया
रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित वाहन स्टैंड पर कई दो पहिया वाहन लंबे समय से लावारिस हालत में खड़े थे। वाहन स्टैंड संचालक भी इसकी जानकारी पुलिस को दे चुके थे। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर नवाबाद थाना पुलिस ने वाहन स्टैंड पर रखे दो दर्जन से अधिक वाहन बरामद कर लिए।
हर व्यक्ति पूछता रहा क्या हुआ?
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्मों पर घूम रहे भारी पुलिस बल को देखकर सभी अपना-अपना अनुमान लगा रहा था। चेकिंग से सभी के मन में डर बना हुआ था। इनमें कई यात्री एक-दूसरे से पूछते रहे कि क्या हुआ है?