प्रदेश में अपराधियों के धड़ाधड़ हो रहे एनकाउंटर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां एक भी मामला फर्जी नहीं होने का दावा कर रहे हैं, वहीं मऊरानीपुर पुलिस उनके इस विश्वास को चोट पहुंचाने का प्रयास कर गई। शुक्रवार को पुलिस और पूर्व ब्लाक प्रमुख लेखराज के बीच हुई मुठभेड़ के मामले में एक ऑडियो वायरल हुआ है, इसमें मऊरानीपुर कोतवाल सुनीत कुमार खुद को आपराधिक प्रवृत्ति का बताते हुए पूर्व ब्लाक प्रमुख लेखराज को भाजपा जिलाध्यक्ष और विधायक से मिलने की समझाइश और न मानने पर एनकाउंटर की बात करते सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो वायरल होते ही एसएसपी ने कोतवाल को निलंबित करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
शुक्रवार को मध्यप्रदेश की सीमा से सटे टीमकमगढ़ जिले के हरकनपुरा गांव के पास रानीपुर निवासी बंगरा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख लेखराज सिंह यादव और मऊरानीपुर पुलिस के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया था। पुलिस का दावा था कि दोनों ओर से कई राउंड गोलीबारी होने के बाद पूर्व ब्लाक प्रमुख आपने साथियों के साथ भागने में सफल रहे थे। अभी यह मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि शुक्रवार देर रात मऊरानीपुर कोतवाल सुनीत कुमार और लेखराज के बीच हुई वार्ता का ऑडियो वायरल हुआ, इसमें पुलिस व अपराधी के बीच साठगांठ की पोल खुलने के बाद पुलिस महकमा शर्मसार नजर आ रहा है।
इस ऑडियो में कोतवाल सुनीत कुमार सिंह, लेखराज सिंह यादव से मोबाइल पर बातचीत कर रहे हैं। इसमें भाजपा के जिलाध्यक्ष और बबीना विधायक के नाम लेते हुए उन्हें समझने के लिए लेखराज को बता रहे हैं। साथ ही खुद को भी आपराधिक प्रवृत्ति का होने का दावा कर रहे हैं। इस ऑडियो में लेखराज बार-बार कोतवाल से मदद मांग रहा है, मगर कोतवाल उसे भाजपा जिलाध्यक्ष संजय दुबे और बबीना विधायक राजीव सिंह का नाम लेकर बता रहे हैं कि इन नेताओं को समझ लो, नहीं तो कुछ भी हो सकता है। वह लेखराज को एनकाउंटर करने की अप्रत्यक्ष रूप से धमकी भी दे रहे हैं। सुनीत कुमार लेखराज को समझा रहे हैं कि सपा सरकार में भी आप जेल गए थे, इसलिए सिस्टम को समझने की कोशिश करो।
लेखराज पुलिस के आगे सरेंडर करने को तैयार नहीं हो रहा है। लेखराज ने इस ऑडियो में कई बार कोतवाल से स्पष्ट बात करने को कहा, मगर कोतवाल फोन पर ज्यादा खुलकर बताने को राजी नहीं है। हां, मुलाकात करने पर बताएंगे। लेकिन वह यह भी कह रहे हैं कि मुलाकात किन हालातों में हो, आमने सामने हो। यह नहीं कहा जा सकता। इस पर लेखराज जवाब देता है कि क्या सीधे एनकाउंटर के आदेश हैं?
यह ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के साथ-साथ पुलिस अफसरोें से लेकर हर पुलिसकर्मी के पास पहुंच गया। शनिवार दोपहर एसएसपी विनोद कुमार सिंह ने कोतवाल को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है।
जांच के बाद आगे की भी होगी कार्रवाई
पूरे प्रकरण को देखते हुए मऊरानीपुर कोतवाल सुनीत कुमार सिंह को निलंबित कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद आगे की भी कार्रवाई की जाएगी।
विनोद कुमार सिंह, एसएसपी
भ्रष्ट है सुनीत
मऊरानीपुर कोतवाल सुनीत कुमार भ्रष्ट पुलिस अफसर है। मैंने 23 मार्च को एसएसपी से मुलाकात कर इन्हें हटाने की बात कही थी। ऑडियो में वह विधायक के प्रति अपशब्द भी बोल रहा है, जो उसकी असभ्यता को दर्शाता है।
संजय दुबे, जिलाध्यक्ष, भाजपा
जेल जा चुके व्यक्ति को क्यों बनाया कोतवाल
ऑडियो से साफ हो गया है कि कोतवाल सुनीत अपने रेट बढ़ाने के लिए मेरे नाम का उपयोग कर रहा है। कोतवाल पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है। ऐसे अफसर को कोतवाल क्यों बनाया गया, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
राजीव सिंह, विधायक बबीना