मेडिकल कालेज में तीमारदारों से मारपीट की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। बुधवार को वार्ड नंबर छह के आईसीयू में भर्ती रोगी को रेफर करने की बात पर भड़के डाक्टरों ने तीमारदार पुरुष-महिलाओं की पिटाई कर दी। भागने के प्रयास में गिरे तीमारदारों को भी डाक्टरों ने नहीं बख्शा। किसी तरह तीमारदार मेडिकल कालेज पुलिस चौकी पहुंचे और जानकारी दी। इस पर नवाबाद थाने का फोर्स मेडिकल कालेज पहुंच गया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को तहरीर दी है।
गुरुसराय के करगुवां बुजुर्ग निवासी मुरलीधर (70) को चार दिन पहले हार्ट अटैक पड़ा था। परिजन उन्हें लेकर मेडिकल कालेज आए, जहां हालत नाजुक होने पर वार्ड नंबर छह की आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। रोगी का उपचार डाक्टर रजत जैन और डाक्टर नूतन अग्रवाल कर रहे थे। परिजनों ने बताया कि वह उपचार में हजारों रुपये खर्च कर चुके थे। डाक्टर हर दवा और ग्लूकोस की बोतल बाजार से मंगवा रहे थे। बावजूद इसके मुरलीधर की हालत दिन पर दिन बिगड़ती जा रही थी। मंगलवार की शाम को आए डाक्टरों ने परीक्षण के बाद मुरलीधर के बचने की कम ही उम्मीद बताई। इस पर परिजनों ने तय किया कि क्यों न उसे उच्च चिकित्सा के लिए कानपुर ले जाएं। बुधवार की दोपहर में मुरलीधर का भाई मनीराम और भतीजा मनोज वार्ड में तैनात जूनियर डॉक्टर के पास गए और अनुरोध करते हुए कहा कि वह रोगी को कानपुर ले जाना चाहते हैं। वह रोगी को उच्च चिकित्सा के लिए रेफर कर दें। यह सुनकर डाक्टर तमतमा गए और गाली-गलौज शुरू कर दी। जब तीमारदारों ने विरोध किया तो वहां पर एकत्रित हुए डाक्टरों ने उनकी पिटाई करनी शुरू कर दी। इस दौरान वहां पर बीचबचाव करने मनीराम की पत्नी मालती, मनोज की पत्नी रंजनी, भतीजा शीलू और रिश्तेदार दीपक पहुंच गए। डाक्टरों ने बीचबचाव करने आए पुरुष-महिलाओं की भी पिटाई शुरू कर दी। इस दरमियान पिटाई से बचने के लिए भागे तीमारदार संतुलन बिगड़ने पर गिर पड़े तो डाक्टरों ने उनपर जमकर लात-घूंसे बरसाए। किसी तरह डाक्टरों के चंगुल से बचकर मनीराम भागता हुआ मेडिकल कालेज चौकी पहुंचा और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी।
इसकी सूचना मिलने पर नवाबाद थाने का फोर्स भी मेडिकल कालेज पहुंच गया। पुलिस की जांच शुरू होने के बाद तीमारदार मुरलीधर को उपचार के लिए मेडिकल कालेज ले गए। इस मामले की मनीराम ने नवाबाद थाने पर लिखित शिकायत की है।
मेडिकल कालेज के प्राचार्य से मिलकर बात की जाएगी कि आखिर क्यों आए दिन डाक्टरों का तीमारदारों से विवाद होता है। डाक्टर तीमारदारों के साथ मारपीट भी करते हैं। एक आदमी गलत हो सकता है, हर किसी को गलत नहीं ठहराया जा सकता है। यदि डाक्टरों की बदतमीजी नहीं रुकी तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित की शिकायत आने के बाद रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।
- दिनेश कुमार सिंह, एसपी सिटी
जानकारी मिली है कि रोगी को तीमारदार उच्च चिकित्सा के लिए कानपुर ले जाना चाहते थे। चूंकि रोगी सीरियस था, इसलिए डाक्टरों ने ले जाने के लिए मना किया। मनीराम ने बताया कि वह पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मी है, तो डाक्टरों ने लामा (लेफ्ट अगेंस्ट मेडिकल एडवाइज) भरने के लिए कहा, जिसके लिए वह तैयार नहीं हुए। इसको लेकर डाक्टरों और तीमारदारों के बीच में विवाद हो गया।
- डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य मेडिकल कालेज