झांसी। दोस्ती में एक लाख रुपये हड़पने वाले आरोपी को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए दो साल की कैद व डेढ़ लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष संख्या दो की अदालत में परिवाद पत्र प्रस्तुत करते हुए वादी रतनलाल आनंद ने बताया कि सुधीर कुमार जैन से उसकी मित्रता थी। सुधीर ने बताया कि उसे व्यापार में काफी घाटा हुआ है और मित्रता का वास्ता देकर उससे एक लाख रुपये मांगे। रतन ने उसे रुपये दे दिए।
दस मार्च 2006 को जब उसने पैसे वापस मांगे तो सुधीर ने उसे इंडियन ओवरसीज बैंक का चेक दे दिया। यह चैक रतन ने अपने सेंट्रल बैंक के खाते में लगाया तो उसे पता चला कि सुधीर का खाता ही बंद है।
उसने सुधीर को इसका उलाहना देते हुए अपने पैसे वापस करने को कहा, लेकिन उसने कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया। इस पर उसने अपने वकील देवेंद्र सिंह के माध्यम से 27 मार्च 2006 को नोटिस भेजा। नोटिस का जवाब न मिलने पर उसने न्यायालय में परिवाद पत्र प्रस्तुत कर दिया।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने सुधीर को दोषी मानते हुए दो वर्ष की सजा सुनाई तथा डेढ़ लाख रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माने में से 1.43 लाख रुपये वादी को दिए जाएंगे।