झांसी। ट्रेन से गिरे एक यात्री का शव शनिवार को गढ़मऊ रेलवे स्टेशन के निकट कानूनी पेच के चलते छह घंटे तक मौके पर ही पड़ा रहा। इस घटना ने जीआरपी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है। मृतक अपने भाइयों के साथ मुंबई काम करने जा रहा था, इसी दौरान यह हादसा हो गया।
बलरामपुर के पोस्ट मंडला क्षेत्र के ग्राम कुलइया निवासी चंद्रभान (25) अपने भाई प्रताप व चचेरे भाई के साथ कुशीनगर एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार होकर गोंडा से मुंबई जा रहा था। जनरल कोच में भीड़ अधिक होने के कारण वह दरवाजे पर बैठा हुआ था। शनिवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे ट्रेन गढ़मऊ स्टेशन के निकट थी, तभी उक्त यात्री ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। यात्री के भाइयों को जब उसके गिरने का पता लगा तो वह मुस्तरा स्टेशन पर उतर गए।
मुस्तरा स्टेशन मास्टर की मदद से उन्होंने जानकारी झांसी कंट्रोल रूम को दी। सूचना पर आरपीएफ जवान शिवकरण अपने साथी के साथ मौके पर पहुंच गए। पर, तब तक यात्री दम तोड़ चुका था। इधर, झांसी स्टेशन पर डिप्टी एस एस वाणिज्य ने जीआरपी को घायल यात्री का मेमो भिजवा दिया। हालांकि, जीआरपी को बाद में खबर दे दी गई कि यात्री की मौत हो चुकी है।
इसके बाद भी जीआरपी यात्री के मृत होने का मेमो मंगाने की जिद पर अड़ी रही। मेमो मिलने के बाद ही जीआरपी घटनास्थल पर पहुंची। इस कारण करीब छह घंटे तक यात्री का शव पटरियों के पास पड़ा रहा।
मुंबई जाकर काम करने की हसरत नहीं हो सकी पूरी चंद्रभान अपने भाइयों में सबसे बड़ा था। घर के आर्थिक हालत अच्छे न होने के कारण वह पहली बार मुंबई काम करने जा रहा था। पर, उसकी यह हसरत पूरी नहीं हो सकी।