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पुलिस के सामने हुई थी भाजपाई की हत्या

Mon, 13 Mar 2017 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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पुलिस के सामने हुई थी भाजपाई की हत्या - फोटो : demo
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भाजपा कार्यकर्ता मुनीश चंचोदिया की हत्या पुलिस की मौजूदगी में हुई थी। मामले में लापरवाही एक सब इंस्पेक्टर व दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।
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मृतक के भाई मुकेश चंचोदिया ने आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम आने के बाद से ही गांव में तनातनी की स्थिति थी। शाम पांच बजे से पुलिस को इसकी सूचना दी जा रही थी। कई बार फोन किए जाने के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची। कई घंटे बाद रात में बड़ागांव थाना की पुलिस गांव पहुंची। पुलिस ने बातचीत के लिए भाई को घर से बुलाया। जबकि, पुलिस के पास पहले से ही आरोपी खड़े हुए थे। भाई के पहुंचते ही विपक्षियों ने उसे गोली मार दी और वह भाग गए। इसके बाद भी पुलिस ने भाई को उठाकर अस्पताल ले जाने की जहमत नहीं उठाई। काफी देर तक जमीन पर पड़ा रहने के बाद गांव के लोग उसे उठाकर मेडिकल कालेज ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
वहीं, एसपी सिटी दिनेश सिंह ने बताया कि हत्या अकस्मात हुई। पुलिस पहुंच कर विवाद की जानकारी जुटा रही थी। इसी दौरान अचानक गोली चला दी गई, जिससे मुनीश की मौत हो गई। इस पर क्षेत्र के सब इंस्पेक्टर रामकिशोर पाल और सिपाही रामदास यादव व नीरज यादव को निलंबित कर दिया गया है।
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दस लोगों के खिलाफ कत्ल की रिपोर्ट, कोई गिरफ्तार नहीं   
- पुलिस टीमों की दबिश जारी, एनएसए लगेगा   
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बड़ागांव थाना क्षेत्र के ग्राम पालर में शनिवार की रात भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता मुनीश चंचोदिया की हत्या के मामले में समाजवादी पार्टी से ताल्लुक रखने वाले गांव के ही दस लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम किया गया है। हालांकि, पुलिस के हाथ अब तक एक भी आरोपी नहीं चढ़ा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आठ टीमों का गठन किया गया है। साथ ही स्वॉट टीम को भी लगाया गया है।
शनिवार की रात ग्राम पालर में भाजपा कार्यकर्ता मुनीश चंचोंदिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के चाचा कमलेश ने गांव के ही दस लोगों के खिलाफ थाना बड़ागांव में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने बहादुर यादव, मनोज यादव, सुधीर यादव, संदीप यादव, अजय यादव, बलबहादुर यादव, सुंदरलाल परिहार व भीम सिंह यादव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। जबकि, संतोष सिंह यादव व जितेंद्र सिंह यादव पर हत्या की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज किया गया है।  एसपी सिटी दिनेश सिंह ने बताया कि आरोपियों पर एनएसए के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।

छावनी में तब्दील हुआ पालर

अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। हत्याकांड के बाद से ग्राम पालर पुलिस छावनी में तब्दील नजर आ रहा है। यहां भारी संख्या में पुलिस व पैरा मिलेट्री फोर्स को तैनात किया गया है। रविवार को भाजपा कार्यकर्ता का अंतिम संस्कार पुलिस की मौजूदगी में किया गया।
 पोस्टमार्टम के बाद मुनीश के शव को गांव ले जाया गया। अंतिम संस्कार के दौरान बबीना विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी राजीव सिंह पारीछा समेत जिलाध्यक्ष संजय दुबे, संजीव श्रृंगीऋषि, डा. आशीष अग्निहोत्री, रोहित गोठनकर, विनोद नायक, विनीत खटीक समेत भारी संख्या में भाजपा के लोग मौजूद रहे। वहीं, एसएसपी अखिलेश चौरसिया, एसपी सिटी दिनेश सिंह ने गांव के हालातों का जायजा लिया।


जल्द हो हत्यारोपियों की गिरफ्तारी
झांसी। रविवार को श्री राम सेना ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर मुनीश चंचोदिया के हत्यारोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर ज्वाला श्रीवास्तव, अमित कुमार, कौशिक श्रीवास्तव, रवि खरे, मदन मोहन, मोहित पॉल, दीपक ठाकुर, अभय ठाकुर, सुनील शर्मा, सुरेंद्र कुमार शामिल रहे।

जमीन पर कब्जा किए हैं हत्यारोपी
मृतक के भाई मुकेश चंचोदिया ने बताया कि उसने पास के गांव लेवा में पांच साल पहले पौने तीन बीघा खेती की जमीन खरीदी थी, जिस पर हत्यारोपी जमीन पर कब्जा किए हुए हैं।

पहले भी हुआ था विवाद
 मुनीश चंचोदिया और आरोपियों के बीच 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान भी विवाद हुआ था।  लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई थी और बाद में मामला शांत हो गया था।

पालर की जमीन उगलती है बालू
पिछले पांच सालों में पालर गांव में बालू का अवैध खनन जोरों पर हुआ। खास बात यह है कि यहां खेतों के नीचे बालू दबी हुई है, जिससे कई - कई फीट गहरे गड्ढे कर निकाला जा रहा है। आए दिन बालू खनन को लेकर भी यहां विवाद की स्थिति बनी रहती है।
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मुनीश पर थी परिवार की जिम्मेदारी
मृतक मुनीश चंचोदिया (33) के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटी वंशिका (7 ) व भूमि (5) तथा डेढ़ वर्ष का बेटा अनमोल है। वृद्ध माता - पिता तथा गुर्दा रोग से पीड़ित बड़े भाई मुकेश चंचोदिया की देखरेख मुनीश ही करता था। वह मात्र 6 वीघा का छोटा किसान था।

सहमा है गांव
 पालर में होली की रंगत नजर नहीं आ रही है। बच्चे भी सहमे हैं। होलिका दहन भी नहीं हुआ।
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