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चूड़ी बेचते-बेचते पति-पत्नी बन गए लुटेरे

Thu, 10 Aug 2017 01:12 AM IST
amarujala
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railway jhansi news - फोटो : demo
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झांसी।
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चूड़ियां बेचते-बेचते जहरखुरानी का अपराध सीखने वाले दंपति ने रेलवे स्टेशन पर नशीली चाय पिलाकर मीरा और महेंद्र को लूटा था। समय पर उपचार न मिलने से मीरा की मौत हो चुकी है। जीआरपी की गिरफ्त में आए दंपति पिछले पांच सालों से ट्रेन में लोगों को रहे हैं।
बुधवार को आरोपी स्टेशन के प्लेटफार्म छह पर बैठे थे, तभी जीआरपी ने दोनों को पकड़ लिया। उनके नाम छतरपुर के थाना जुझार क्षेत्र के ग्राम बम्हौरपुरवा निवासी राकेश अहिरवार और रुकमणि हैं। राकेश के पास से 6500 रुपये, महेंद्र का मोबाइल, 210 नशीली गोलियां और रुकमणि के पास से 5000 रुपये और 160 नशीली गोलियां बरामद हुईं। एसपी रेलवे डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि सीओ रेलवे शरद प्रताप सिंह के नेतृत्व में गठित टीम को पड़ताल में पता चला कि आरोपी दंपति पिछले पांच साल से जहरखुरानी की घटनाओं को अंजाम दे रहा है। इन्हीं ने जून 2016 में भीमसेन स्टेशन के निकट बेतवा एक्सप्रेस के विकलांग कोच में दो महिलाओं को लूटा था। अब दोनों पर हत्या मुकदमा चलेगा। उन्होंने अपनी ओर से टीम को पांच हजार और आईजी (रेलवे) की तरफ से दस हजार रुपये देने की घोषणा की।
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इन्होंने किया खुलासा
टीम में प्रभारी निरीक्षक रघुवीर सिंह, क्राइम ब्रांच प्रभारी संजय कुमार सिंह, अनुराग अवस्थी, उमेश पटेल, संजीव मिश्रा, होशियार सिंह, जाहिद अली, रामनरेश, अंकित राज, धीरेंद्र सिंह और विद्याधर तिवारी शामिल थे।

यह था मामला 
29 जुलाई की देर रात महाकौशल एक्सप्रेस में सवार होकर दिल्ली से झांसी आए उल्दन थाना क्षेत्रांतर्गत दादपुरा संतपुरा निवासी महेंद्र अहिरवार और उसकी पत्नी मीरा प्लेटफार्म एक पर जहरखुरानी का शिकार बन गए थे। बाद में दोनों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था, जहां मीरा ने दम तोड़ दिया।

मुल्जिमों तक पहुंचने में मोबाइल ने दिखाई राह  
आरोपी राकेश अपनी पत्नी रुकमणि और पांच साल के बेटे के साथ महोबा में किराए के मकान में रहता है। 29 जुलाई को दोनों महोबा से झांसी आए। प्लेटफार्म छह पर महेंद्र और मीरा को लूटने के बाद दोनों मथुरा चले गए। 31 जुलाई और तीन अगस्त को उन्होंने महेंद्र के मोबाइल को चालू किया। दोनों लोकेशन के आधार पर क्राइम ब्रांच ने राकेश और रुकमणि को दबोच लिया।
 
जिनसे सीखा अपराध, वो चल बसे
राकेश और उसकी पत्नी ने जहरखुरानी करना जिससे सीखा वह अब चल बसे। दोनों ने बताया कि पांच साल पहले उनकी मुलाकात एक दंपति से हुई थी, जिन्होंने उन्हें जहरखुरानी का तरीका सिखाया। वह मेडिकल स्टोर भी बताया, जहां नशीली गोलियां आसानी से मिल जाती हैं।

तीन हजार का इनामी है राकेश 
2010 में छतरपुर के जुझार थाने में राकेश पर दो मामले दर्ज हुए थे। इनमें एक मुकदमा गांव की नाबालिग लड़की को भगाने के बाद उसके साथ बलात्कार करने का है। जेल से छूटने पर वह फरार चल रहा था। इस कारण पुलिस ने उस पर तीन हजार रुपये इनाम घोषित कर रखा है।

सीसीटीवी फुटेज में दिख गई साफ तस्वीर 
घटना की रात सीसीटीवी फुटेज में राकेश की एक जगह तस्वीर साफ दिखाई दे गई थी। तस्वीर में वह बुकिंग हाल के पास खुले एक स्टाल पर सामान खरीद रहा था। इस तस्वीर की मदद से उसकी पहचान आसान हो गई। जीआरपी को वह सूरत एटा के एक जहरखुरान की लग रही थी, लेकिन पता चला वह फरार है।

फार्मासिस्ट से चल रही पूछताछ 
जीआरपी ने भरुआ सुमेरपुर के कोतवाली के पास रहने वाले फार्मोसिस्ट को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पता चला है कि आरोपी दंपति उसी के मेडिकल स्टोर से नशीली दवाएं खरीदते थे।
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... तो बच जाती जान 
महेंद्र और मीरा का परीक्षण रेलवे चिकित्सक ने किया था और उनको ठीक बताकर मेडिकल कालेज रेफर नहीं किया था। चिकित्सक ने दंपति को नीबू पानी पिलाने की सलाह दी थी। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक रघुवीर सिंह ने बताया कि अगर चिकित्सक दंपति को रेफर कर देते तो शायद मीरा बच जाती।
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