तहसील में संग्रह अनु सेवक के पद पर कार्यरत दिनेश कुमार के तीन वर्षीय पुत्र का शुक्रवार को निधन हो गया। वह अपने पुत्र का शव लेकर तहसील आए। यहां उन्होंने आरोप लगाया कि पुत्र के इलाज के लिए उसने छुट्टी मांगी थी, जो नहीं मिली। इलाज के अभाव में पुत्र की मौत हो गई। कर्मचारी ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सदर बाजार थाना इलाके के भट्टागांव निवासी दिनेश कुमार तहसील में संग्रह अनु सेवक के पद पर कार्यरत हैं। शुक्रवार को उनके तीन वर्षीय पुत्र आयुष का आकस्मिक निधन हो गया। इस पर कर्मचारी अपनी पत्नी और पुत्र के शव को लेकर तहसील आ गया। यहां विलाप करते हुए कर्मचारी ने बताया कि उसके पुत्र की तबीयत ठीक नहीं थी। इलाज के लिए ग्वालियर जाना था। इसके लिए तहसीलदार से छुट्टी मांगी थी, लेकिन नहीं दी गई। उन्होंने कुछ संग्र्रह अमीनों पर भी उत्पीड़न का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि अनु सेवकों से उनके मूल काम के अलावा अधिकारियों के बंगलों पर काम कराया जाता है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उत्पीड़न के शिकार हैं। इस दौरान वहां भारी संख्या में भीड़ जमा हो गई।
वहीं, तहसीलदार राकेश कुमार ने बताया कि संग्रह अनुसेवक के आरोप बेबुनियाद हैं। अनु सेवक की ओर से छुट्टी नहीं मांगी गई थी। बच्चे के स्कूल व भट्टागांव में पड़ताल कराई गई है। मालूम हुआ है कि बच्चे का एक दिन पहले बृहस्पतिवार को एकता कान्वेंट स्कूल में प्रवेश कराया गया था। वो शुक्रवार को अपनी मां के साथ स्कूल भी गया था। पहला दिन था, इसलिए कुछ देर रुककर वापस आ गया था। जांच में सामने आया है कि बच्चे की मौत किसी रिश्तेदार के घर में हुई है। वहीं, जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। मामले की जांच भी कराई जा रही है। इसमें दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।