शताब्दी एक्सप्रेस में पकड़े फर्जी पूर्व सांसद को जेल
झांसी/ मथुरा।
भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस में पकड़े गए फर्जी पूर्व सांसद और उसकी महिला साथी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां जुर्माना जमा न करने पर उसे सात दिन के लिए जेल भेज दिया गया। इस मामले में सीनियर डीसीएम विपिन कुमार सिंह ने मामले की गोपनीय जांच कराने की बात कही है।
शुक्रवार को नई दिल्ली से भोपाल जा रही भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस के सी 10 कोच में डिप्टी सीटीआई नंदकिशोर ने डा. आलोक मिश्रा नाम के व्यक्ति को पकड़ा था। वह खुद को देवरिया का पूर्व सांसद व तृणमूल कांग्रेस का महासचिव बता रहा था। बताया कि वह 1984 से 89 तक सांसद रहा है। चेकिंग कर्मी ने पहचान पत्र मांगा तो बताया कि उसका दिल्ली में बैग चोरी हो गया है। उसमें पहचान पत्र, कागजात, पैसे सब थे। बाद में चेकिंग कर्मी की सूचना पर मथुरा आरपीएफ यात्री और उसके साथ यात्रा कर रही अंजू नाम की महिला को उतार लिया था। महिला अंजू को पार्टी कार्यकर्ता बता रहा था। आरपीएफ ने दोनों को रेलवे कोर्ट में पेश किया, जहां उन पर जुर्माना लगाया गया। दोनों में से किसी ने जुर्माना अदा नहीं किया। आरपीएफ प्रभारी मथुरा सीबी सिंह ने बताया कि जुर्माना अदा न करने पर दोनों को रेलवे कोर्ट ने सात दिन के लिए जेल भेज दिया।
इधर, झांसी रेल मंडल के सीनियर डीसीएम विपिन कुमार सिंह ने कहा कि पूर्व सांसद की आईडी पर आरोपी व्यक्ति ने कैसे टिकट बनवाया? वह इसकी गोपनीय जांच करवा रहे हैं। जांच में अगर मामला सत्य पाया जाता है तो आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई जाएगी।