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सपा नेता के पुत्र ने बीयू गेट से छात्र को उठाया, पीटा, फिर छोड़ दिया
चांटे का बदला लेने के लिए उठाया दुस्साहसिक कदम
विश्वविद्यालय के बाहर धरना, पुलिस के खिलाफ नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
एक माह पहले पार्टी के दौरान चांटा मारने का बदला लेने के लिए समाजवादी पार्टी के नेता सज्जन सिंह के पुत्र हर्ष यादव ने बीयू के गेट के पास से छात्र रिपु गर्ग को कार से उठा लिया। दो घंटे तक मारपीट करने के बाद वे उसे जेल चौराहे पर छोड़ अपने साथियों सहित भाग गया। घटना के विरोध में विश्वविद्यालय के बाहर धरना देकर छात्रों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
नोएडा के जेवर निवासी राकेश गर्ग के पुत्र रिपु गर्ग बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बीएएलएलबी के छात्र हैं। शुक्रवार दोपहर वह अपने साथियों के साथ बुंदेलखंड विश्वविद्यालय स्थित मुख्य द्वार के सामने चाय पी रहा था। इसी बीच हंसारी निवासी सपा नेता सज्जन सिंह यादव का पुत्र हर्ष यादव दो कारों में सवार युवकों के साथ आ गया। इससे पहले कोई कुछ समझ पाता। इसी बीच सभी युवक उसे घसीटकर कार में डालकर ले गए। यह घटना देखकर साथियों में सनसनी फैल गई। घटना की खबर मिलते ही भारी तादाद में छात्र एकत्र हो गए। छात्रों ने इसकी शिकायत विश्वविद्यालय प्रशासन से की। इसके बाद तत्काल कार्रवाई न होने से खफा छात्र मुख्य द्वार पर के बाहर ही धरने पर बैठ गए। इससे आवागमन भी बंद हो गया। छात्रों ने पुुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसी बीच कार सवार युवक मारपीट कर छात्र को जेल चौराहा पर छोड़कर भाग गए। छात्र यहां से सीधा नवाबाद थाने पहुंच गया। नवाबाद थानाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने छात्र से पूछताछ की और हर्ष यादव सहित अन्य लोगों के खिलाफ धारा 342, 323 के तहत मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस ने बताया कि 8-9 नवंबर की रात बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पास रहने वाले एक छात्र के कमरे पर पार्टी हो रही थी। इसमें बाहरी युवकों को भी बुलाया गया था। पार्टी दौरान हर्ष यादव और रिपु गर्ग का विवाद हो गया था। रिपु ने हर्ष को चांटा मार दिया था। हर्ष ने रिपु से बदला लेने के लिए घटना को अंजाम दिया।
बाहरी युवक करते हैं गुंडागर्दी
धरने पर बैठे छात्रों का आरोप है कि बाहरी युवक विश्वविद्यालय आकर गुंडागर्दी करते हैं। सुरक्षा के इंतजाम न होने के कारण इस तरह की घटनाएं होना स्वाभाविक हैं। उनका आरोप था कि छात्र पहले भी विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं। छात्रों के अनशन पर बैठने की खबर मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर समझाना शुरू कर दिया। अभी छात्रों एवं प्रशासन के बीच वार्ता चल रही थी। इसी बीच छात्र के सकुशल मिलने की खबर पर अनशन समाप्त कर दिया गया। मौके पर ही छात्रों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया।