मुजफ्फरनगर की तरह करारी स्टेशन पर बचा हादसा
सबहेड: दुर्घटनाग्रस्त होने से बची बरौनी मेल, ट्रैकमैन की मौत
प्राइवेट कर्मचारी कर रहे थे स्लीपर बदलने का काम
स्टेशन मास्टर के शोर मचाने पर पीछे किया स्लीपर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
मुजफ्फरनगर में उत्कल एक्सप्रेस के पटरी से उतरने जैसी दुर्घटना बुधवार को करारी रेलवे स्टेशन पर होते-होते बच गई। हुआ यूं कि जिस ट्रैक से ग्वालियर-बरौनी मेल गुजरने वाली थी, उसी ट्रैक पर प्राइवेट मजदूर स्लीपर रखे खड़े थे। स्टेशन मास्टर के देख लेने पर उन्होंने शोर मचाया तो मजदूरों ने स्लीपर तो पीछे खींच लिया, लेकिन वहीं घबराहट में ट्रैकमैन भरत इंजन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इन दिनों इंजीनियरिंग विभाग करारी स्टेशन की अप लूप लाइन में पटरी के नीचे बिछने वाले सीमेंट के स्लीपर बदलवाने का काम ठेकेदार से करवा रहा है। ठेकेदार ने इस काम के लिए मजदूर लगा रखे हैं। मजदूर पुराने स्लीपर उखाड़ने के बाद पटरियों के बीच से घसीटकर लेकर जाकर डाउन ट्रैक के पास रख देते हैं। कोई दुर्घटना न हो, इसके लिए सेक्शन पीडब्लूआई काम पर निगरानी रखते हैं। बुधवार की दोपहर करीब पौने दो बजे प्रेमनगर निवासी ट्रैकमैन भरत (27) काम की निगरानी कर रहे थे, तभी बीच छह मजदूर एक स्लीपर को रस्सी से बांधने के बाद खींचकर ले जाने लगे। इसी बीच ग्वालियर-बरौनी मेल के सामने आता देख मजदूर स्लीपर को लेकर उसी ट्रैक पर खड़े हो गए, जिससे ट्रेन गुजरने वाली थी। मजदूरों को लगा ट्रेन दूसरे ट्रैक से गुजरेगी। इसी दौरान स्टेशन मास्टर ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के लिए बाहर निकले। अचानक उनकी नजर मजदूरों पर पड़ी तो वे घबरा गए। उन्होंने शोर मचाकर मजदूरों से हटने को कहा। आवाज सुनते ही मजदूर स्लीपर को लेकर पटरियों के बीच से हटे। उनके हटने के चंद सैकड़ों में ही ट्रेन धड़धड़ाती हुई मौके से निकल गई।
वहीं, घबराया गैंगमैन भरत खुद को पटरियों से अलग नहीं कर सका और इंजन की चपेट में आकर दूर जाकर गिरा। हादसे में उसकी मौके पर मौत हो गई। सूचना पर पहुंची जीआरपी ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रेलवे के पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है।