बारह लाख के गांजे के साथ तस्कर गिरफ्तार
झांसी। स्वॉट व कोतवाली पुलिस ने बुधवार को चेकिंग के दौैरान कार सवार तस्कर को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से बारह किलो 440 ग्राम गांजा बरामद किया गया। गांजे की कीमत बारह लाख से अधिक बताई जा रही है। पकड़ा गया तस्कर गांजा उरई ले जाने की फिराक में था, तभी चेकिंग के दौैरान पुलिस टीम ने नारायण बाग से दबोच लिया। पूछताछ में महत्वपूर्र्ण जानकारियां मिलने के साथ कई नाम भी सामने आए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर तस्कर को जेल भेज दिया है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह व स्वॉट टीम प्रभारी विजय कुमार पांडेय को सूचना मिली कि नारायण बाग रोड से कार सवार एक व्यक्ति गांजे की खेप लेकर निकलने वाला है। खबर मिलते ही पुलिस टीम के साथ सीओ सिटी जितेंद्र सिंह परिहार भी पहुंच गए। चेकिंग के दौैरान एक कार रोकी गई तो सवार व्यक्ति ने उतरकर भगाने का प्रयास किया। इस पर उसे पकड़कर कार की तलाशी ली गई। कार मेें रखी कई बोरियोें में गांजे के पैकेट मिले। भारी तादाद में मिले गांजे को बरामद कर आरोपी को पकड़कर थाने लाया गया। जहां पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम कोतवाली के नारायण बाग रोड स्थित नंदू कॉलोनी निवासी संजीव साहू बताया। 125 किलोग्राम 440 ग्राम अवैध गांजे के साथ दो मोबाइल व 1550 रुपये बरामद किए। अवैध गांजे की कीमत बारह लाख से अधिक बताई गई है।
पूछताछ में पता चला है कि वह गांजा उरई लेकर जा रहा था जिसके लिए बोरियों में छोटे-छोटे पैकेट बनाकर रख लिए थे। पूछताछ में लोकल स्तर पर कइयों के नाम भी उसने उजागर किए हैं, जिनको बड़े पैमाने पर गांजा बेचा जाता था। इसमें शिवाजी नगर स्थित एक दुकान पर बड़े पैमाने पर बेचा जाता था। महानगर के सभी इलाकों में अवैध धंधेबाज लेते थे। मोबाइल से कुछ नंबर भी मिले हैं, जिनमें माल लेने व देने की बात भी सामने आई है। टीम में मिनर्र्वा चौकी इंचार्ज सुरेंद्र प्रताप सिंह, एसआई जितेंद्रर सिंह तक्खर, महेश पाठक, राजीव सिंह, अंजुल यादव, प्रदीप सिंह सेंगर, विक्रम व सोमेश आदि मौजूद रहे।
उड़ीसा से र्लाई गई थी खेप
पूछताछ में पता चला है कि गांजा तस्कर करीब तीन साल से उड़ीसा से गांजे की खेप लाता था। कार से ही खेप लाकर झांसी, जालौन समेत अन्य अन्य पड़ोसी जिलों में बड़े पैमाने पर अवैध गांजा बेचने का धंधा चल रहा था। लोकल में भी कई लोग इसके साथ बदल बदल कर उड़ीसा माल लेने जाते थे।
ट्रेन से भी लाई खेप
पता चला है कि गांजा तस्कर बदल बदल कर खेप लाता था। इसके लिए कभी कार तो कभी ट्रेन का सहारा लेता था। अपने साथ ले जाने वाले साथियों को भी पता नहीं चलता था कि कैसे वह उड़ीसा जाने वाला है। कभी कभी तो एक तरफ ट्रेन तो एक तरफ सड़क के रास्ते से आना - जाना लगा रहता था।