बागपत और वाराणसी में एक ही दिन थी बजरंगी की तारीख
- हत्या का अंदेशा था फिर भी भेज दिया गया बागपत
- मुन्ना व उसकी पत्नी पहले ही जता चुके थे आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मुन्ना बजरंगी की बागपत और वाराणसी में एक ही दिन मुकदमे की तारीख थी। मुन्ना बजरंगी हत्या की आशंका के मद्देनजर बागपत जाना नहीं जाना चाहता था। लेकिन, इसके बाद भी उसको बागपत भेजा दिया। बजरंगी की पत्नी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए तारीख की मांग की थी।
सोमवार को मुन्ना बजरंगी की बागपत और वाराणसी में तारीख थी। इसके बाद बड़ौत के पूर्व विधायक के मामले में बागपत में सोमवार को तारीख थी। बागपत में तारीख की खबर सुनकर मुन्ना घबरा गया था। पत्नी ने दस दिन पहले ही मुन्ना की हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत की थी। सूत्रों से पता चला है कि मुन्ना बागपत जाने में हिचकिचा रहा था। उसने शासन को पत्र लिखकर हत्या की आशंका जताई थी। बागपत की अदालत में तारीख पर जाने के लिए जिला जेल में तलबी भेजी गई थी। जिसके बाद उसे रविवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे बागपत रवाना किया गया। बताया गया है कि सड़क के रास्ते जाते समय जाते समय नोएडा में उसका बीपी बढ़ जाने की भी चर्चा रही। सूत्रों के अनुसार पिछले माह वाराणसी में मुकदमे की तारीख सीजेएम कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कराई गई थी।
फेसबुक से आया था चर्चाओं में
मुन्ना बजरंगी की फेसबुक पेज पर बनी प्रोफाइल पर 24 मई को एक संदेश पोस्ट किया गया, जिसमें कहा गया था कि मैं प्रेमप्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी आप लोगों के समक्ष एक बात रखना चाहता हूं कि जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह द्वारा धनंजय सिंह यूथ ब्रिगेड की आईडी से मेरी छवि को खराब करने का कार्य किया जा रहा है। हत्या जैसे आरोप मुझ पर लगाए जा रहे हैं। इसके पहले 16 और 20 मई को भी फेसबुक पर बजरंगी की फोटो के साथ संदेश पोस्ट किया गया। इस पोस्ट की पूरे प्रदेश मेें जमकर चर्चाएं हुई थीं।
एसएसपी ने कराई थी ताबड़तोड़ कार्रवाई
जेल में मुन्ना बजरंगी के बंद होने के दौरान कड़ी निगरानी की जा रही थी। पिछले माह एसएसपी ने जेल के बाहर ताबड़तोड़ चेकिंग कराकर कई लोगों को पकड़ा था। यहां से पकड़े संदिग्धों से पूछताछ भी हुई थी। मुन्ना बजरंगी से मिलने वालों की सूची तैयार की गई थी।
आधुनिक एंबुलेंस से हुई थी रवानगीा
मुन्ना बजरंगी को दो सदस्यीय चिकित्सीय टीम के डा. एके सिंह व डा. एके द्विवेदी के साथ लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से बागपत रवाना किया गया था। एंबुलेंस में वेंटिलेटर की भी सुविधा थी।
करानी चाहिए थी वीडियो कांफ्रेसिंग
जब मुन्ना बजरंगी और उसकी पत्नी वीडियो कांफ्रेसिंग से पेशी कराने की मांग कर रहे थे तो इस सुविधा का उन्हें लाभ मिलना चाहिए था। कम खर्च के साथ सुलभ व्यवस्था को पहले तरजीह दी जानी थी। यदि इस व्यवस्था का लाभ नहीं मिले तो फिर क्या फायदा।
- ए मुबारक, अधिवक्ता