फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरटीओ बनकर लूट करने वाले दो बदमाश गिरफ्तार

विज्ञापन
यूपी पुलिस
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को झांसी - कानपुर राजमार्ग पर आरटीओ बनकर एक कारोबारी के चालक से लूट करने वाले दो बदमाशों को मोंठ पुलिस ने पकड़ लिया। उनके दो साथी भागने में सफल हो गए। पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों के पास से लूटी गई नकदी, गाड़ी व अन्य सामान बरामद कर लिया। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
विज्ञापन


पुलिस अधीक्षक देहात राहुल मिठास ने बताया कि मेरठ की एएसबी इंपोर्टिड कंपनी के मालिक सुरजीत सिंह सेनेट्री सामान की सप्लाई करते हैं। 14 जनवरी को उनका चालक योगेंद्र सिंह माल की सप्लाई देने पिकअप से झांसी आया था। यहां से वह मेरठ लौट रहा था। रात करीब साढ़े आठ बजे मोंठ के पास कार सवार युवकों ने ओवरटेक कर गाड़ी रोक ली।

इसके बाद एक युवक कार से उतरा और बताया कि आरटीओ गाड़ी के कागज चेक करेंगे। इस पर चालक कागज लेकर कार के पास पहुंचा। इसी बीच इन युवकों ने उसे पकड़कर कार में पटक लिया। वे उसे कार में डालकर ले जाने लगे। एक युवक पिकअप लेकर कार के पीछे चलने लगा। इस दौरान कार में सवार युवकों ने मारपीट करते हुए चालक योगेंद्र की जेब में रखे 32 हजार रुपये, मोबाइल छीन लिया। वे उसे एट के पास फेंककर भाग गए। घटना की खबर मिलते ही पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू की।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को पुलिस को सूचना मिली कि राजमार्ग पर लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले बदमाश मौजूद हैं। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक मोंठ आशीष मिश्रा व उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र यादव ने चेकिंग के दौरान चार पहिया गाड़ी से दो बदमाशों को पकड़ लिया, जबकि उनके दो साथी भाग निकले। पूछताछ करने पर बदमाशों ने अपने नाम जालौन के थाना डकोर अंतर्गत गांव खरका निवासी बृजपाल यादव और मंगल यादव बताए।

पुलिस ने बदमाश बृजपाल के पास से तमंचा, कारतूस, तीन हजार रुपये और मंगल यादव के पास से चाकू, लूट के 2500 रुपये और लूट की घटना में प्रयुक्त चार पहिया गाड़ी भी बरामद कर ली। पुलिस ने फरार साथियों की जानकारी लेकर उनको पकड़ने के लिए दबिश देनी शुरू कर दी है। गाड़ी करुई बुजुर्ग स्थित कंचन सिंह की बताई है। बताया गया है कि यह बदमाश पहले भी इसी तरह घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।

ओरछा से लौटते समय की थी घटना
चारों बदमाश 13 जनवरी की सुबह ओरछा आए थे। रात में यहां वह रुके। 14 जनवरी की रात को वे घर जाने को निकले। रास्ते में योगेंद्र की गाड़ी देखकर लूट की योजना बना डाली। घटना को अंजाम देकर सभी गांव भाग गए थे। वहां से वह पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखे रहे। किसी भी तरह की सुगबुगाहट न मिलने पर वे पुन: घटना को अंजाम देने निकले थे लेकिन पुलिस के हाथ आ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें