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हत्याकांड के फरार ईनामी बदमाश गिरफ्तार

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हत्याकांड का फरार इनामी बदमाश गिरफ्तार
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झांसी। स्वॉट टीम व टहरौली पुलिस ने रविवार को हत्याकांड में फरार चल रहे दो इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी न होने पर पुलिस ने दोनाें भाइयों पर 25 - 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। घटना के बाद पुलिस छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी व दो तसला भी बरामद किए।
एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि 3 अप्रैल को गांव गांव के रहने वाले राजेश उर्फ पप्पू पटेल की हत्या कर शव टीकमगढ़ के थाना क्षेत्र बलदेवगढ़ के जंगल में दफना कर भाग गए थे। परिजनोें की शिकायत पर पुलिस नेे रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शुरू कर दी थी। इसी बीच कुछ आरोपियोें को हिरासत में लेने के बाद घटना का पता चला था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने टहरौली के थाना बघैरा निवासी दीनदयाल उर्फ माते, टीकमगढ़ के जतारा अंतर्गत मोहारा निवासी रवेंद्र, रहीश, उदय, टीकमगढ़ के जतारा स्थित बैदपुरा निवसी धर्मदास, टीकमगढ़ के दिगौड़ा स्थित मऊ बुजुर्ग निवासी जाहर घोष को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जबकि, इस कांड में शामिल बैदपुर निवासी मानसिंह व दीपेश फरार चल रहे थे। गिरफ्तार न होने पर पुलिस ने 25 - 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
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रविवार को स्वॉट टीम प्रभारी विजय कुमार पांडेय व प्रभारी निरीक्षक टहरौली नरेंद्र प्रताप गौतम ने सूचना मिलने के बाद टीकमगढ़ के जतारा स्थित बैदपुरा गांव से दोनों को गिरफ्तार किया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2001 में अभियुक्त चरण सिंह पटेल ने मृतक राजेश पर फायर किया था जिसमें वह बच गया था। इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज किया था, लेकिन इसके बाद दोनों मेें आपसी समझौैता हो गया था। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी मन ही मन खुन्नस रखने लगा था। 3 अप्रैल को पुन: समझौता कराने की बात कहकर सभी मृतक को अपने साथ लेकर घटना को अंजाम दिया। टीम में एसआई नवाब सिंह, दुर्गेश चौहान, योगेंद्र चौहान, सत्यपाल चौहान, महेश पाठक, प्रदीप सेंगर, शैैलेंद्र चौहान, अनुराग कुमार मौजूद रहे।
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मारा था बेरहमी से
हत्यारोपी में बदले की भावना इतनी पनप रही थी कि पहले तो सभी ने पेय पदार्थ में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं। इसके बाद रस्सी से गला घोंटा। मौत होने के बाद शव की शिनाख्त न हो, इसके लिए पेट्रोल डालकर आग भी लगाई। इतने से भी जब हत्यारोें का मन नहीं भरा तो कुल्हाड़ी से दोनों घुटने काटने के बाद शव को टीकमगढ़ के बलदेवगढ़ स्थित परेवाहार फूटन जंगल में दफना दिया था।
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