धोखाधड़ी कर दोस्त के खाते से 15 लाख उड़ाए
झांसी। मकान के लिए लोन दिलाने का लालच देकर युवक ने अपने दोस्त के बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद धोखाधड़ी कर धीरे-धीरे 15 लाख रुपये हासिल कर लिए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी पिता-पुत्र को जेल भेज दिया है।
कोतवाली के सरांय मोहल्ले में रहने वाले अमित साहू कचहरी चौराहा के पास चाय बेचते हैं। पिछले साल पुश्तैनी मकान बिकने के बाद आई रकम का बंटवारा हुआ था। अमित के हिस्से में पंद्रह लाख रुपये आए थे। बैंक में खाता खुलवाकर पैसे को जमा कर दिया गया था। इसी बीच थाना सदर बाजार के भट्टागांव स्थित आजाद नगर निवासी अभिषेक बुधौलिया का अमित की दुकान पर आना-जाना हो गया। कुछ समय बाद दोनों के बीच दोस्ती हो गई। इसी दौरान अमित ने अभिषेक से 30 लाख रुपये तक का मकान लेने का जिक्र किया। उसने बताया कि उसके खाते में पंद्रह लाख रुपये जमा हैं। यदि उसका किसी बैंक से लोन हो जाए तो वह मकान खरीद लेगा। पंद्रह लाख रकम की सुनकर अभिषेक के मन में लालच आ गया। लोन दिलाने की कहकर अभिषेक ने कुछ लोगों से मुलाकात भी कराई। इस बीच उसने बैंक की सारी जानकारी हासिल कर ली। साथ ही अमित की नेट बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी भी ले ली। दुकान पर आने के दौरान धीरे-धीरे वह कई दिनों के भीतर उसके मोबाइल से नेट बैंकिंग के जरिए रकम अपने खाते में ट्रांसफर करता रहा। कुछ ही समय में उसने पंद्रह लाख रुपये निकाल लिए। रुपयों की जरूरत पड़ने पर अमित बैंक से रुपये निकालने पहुंचा तो पता चला कि उसके खाते में रकम ही नहीं है। यह सुनकर अमित को बैंक में ही चक्कर आ गए। पड़ताल के बाद पता चला कि अभिषेक ने पूरी रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर ली है। इसके बाद सभी लोग अभिषेक के पास पहुंचे और पुलिस में शिकायत करने की बात कहकर पैसे वापस मांगने लगे। अभिषेक के पिता विष्णु दत्त ने भी चालाकी दिखाते हुए चेक दे दिए। वह बैंक पहुंचा तो पता चला कि खाते में रुपये ही नहीं हैं। परेशान होकर अमित ने नवाबाद पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने पिता व पुत्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी। रविवार को पुलिस ने आरोपी अभिषेक और विष्णु दत्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
लोन के फर्जी कागजात भी पहुंचाए
मन में लालच जागने के बाद अभिषेक ने बाकायदा बैंक के लोन के फर्जी कागजात खुद बनाकर डाक से अभिषेक के पास पहुंचाए। इसके बाद अमित का पूरा विश्वास हासिल कर लिया और फिर उसके बैंक की जानकारी ले ली। इसके बाद धीरे-धीरे खाते से रुपये उड़ा दिए।