पलक झपकते ही उड़ा रहे मोटरसाइकिल
झांसी। जिले में बाइक चोरी की वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। छह महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो 200 से अधिक मोटरसाइकिलें चोरी हो चुकी हैं। 100 से अधिक चोरी की घटनाएं सीसीटीवी कैमरे में कैद हुईं, जिसमें साफ नजर आ रहा है कि चोर अपने साथी के साथ पल भर में मोटरसाइकिल का लॉक तोड़कर ले गए। पुलिस अब तक इस मामले में किसी भी बड़े गैंग का खुलासा नहीं कर सकी। फरवरी में ही चोर महानगर से 22 वाहन चोरी कर ले गए।
जिले में वाहन चोरी की वारदात बढ़ती जा रही हैं लेकिन पुलिस न तो चोरी कम कर पा रही है और न ही वाहन की बरामदगी। बाइक चोरी के आंकड़े देखे जाएं तो बीते छह महीनों में 200 से अधिक बाइक चोरी हो चुकी हैं। मतलब प्रतिदिन औसतन एक बाइक शहर से चोरी हो रही हैं। जबकि, काफी मामले तो दर्ज ही नहीं होते हैं या इस रिकॉर्ड में नहीं दिखाते। महानगर के कई इलाके ऐसे हैं, जहां दो से तीन दिन के अंदर बाइक चोरी होती है। पुलिस की कोशिशों के बाद भी वाहन चोरी की वारदात पर अंकुश नहीं लग रहा है।
बताया गया है कि चोरी की बीस प्रतिशत बाइक सड़कों पर ही दौड़ रही हैं। जिस शहर से बाइक चुराई जाती है, उसके आसपास के शहर में बाइक ले जाकर उसका रंग रूप बदलते हैं। बिना चोरी की बाइक के नंबर की प्लेट चोरी की बाइक पर लगाते हैं और खुले आम सड़कों पर चलती हैं। कई बार तो पुलिस ने चेकिंग के दौरान ही चोरों को पकड़ा। पकड़े गए वाहन गिरोह के सदस्यों से पुलिस को पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिलीं लेकिन पुलिस ने मात्र पकडे़ गए चोरों को जेल भेजकर कार्रवाई पूरी की। आगे की पड़ताल न होने के कारण पुलिस के हाथ बड़ा गैंग नहीं लग सका। 100 से ज्यादा वारदातों में वाहन चोर कैैद हुए लेकिन फोेटो व वीडियो में चेहरा साफ नजर नहीं आता। जिस कारण वाहन चोरों को पकड़ने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ये स्थान निशाने पर
- मेडिकल कॉलेज
- बस स्टैंड
- कलेक्ट्रेट के आसपास
- जीवनशाह तिराहा
- रेलवे स्टेशन क्षेत्र
- विवाह घर के आसपास
- धार्मिक स्थलों के पास भी
रिपोर्ट दर्ज कराने में छूट जाते पसीनेे
वाहन चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने में पीड़ित के थाने से लेकर घटनास्थल के चक्कर लगाने में पसीने छूट जाते हैं। पहले तो बाइक चोरी होने के बाद पुलिस की डांट सुनो, उसके बाद खुद चक्कर लगाकर बाइक चोर को तलाशो। इतना ही नहीं सीसीटीवी फुटेज भी पीड़ित को खुद निकलवाकर पुलिस को देना पड़ते हैं, इसके बाद भी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई मामले तो ऐसे भी हैं, जिनमेें आज तक रिपोर्ट ही नहीं लिखी गई।
इस तरह उड़ाते बाइक
तरीका 1 : जिन वाहनों की बाजार में ज्यादा मांग है, उनमें से ज्यादातर की मास्टर की चोरों के पास होती है। उससे लॉक खोलते हैं और बाइक चोरी कर ले जाते हैं। ज्यादातर चोर दो या तीन के ग्रुप में चोरी करने आते हैं।
तरीका 2 : जिन वाहनों पर हैंडल लॉक नहीं होता उनका नीचे से स्विच काटा जाता है। स्विच बाइक के हैंडल से नीचे अंदर की तरफ होता है। जिसे महज दो मिनट में खोल लिया जाता है। जिन बाइकों पर हैंडल लॉक लगा होता है, चोर बाइक पर बैठते हैं एक तरफ पैर लगाते हैं और दूसरी तरफ हाथ से खींचते हैं। पैर से हैंडल पर दिए झटके और हाथ से खींचने से लॉक टूट जाता है और बाइक चोरी कर ले जाते हैं।
वाहन चोरों को पकड़ने के लिए रणनीति तैयार की गई है। जहां चोरी की घटनाएं हो रही हैं, उन स्थानों पर सादा वर्दी में पुलिस की तैनाती की जा रही है। क्राइम ब्रांच के साथ स्वॉॅट टीम को भी लगाया जा रहा है। - डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी।