सोना लूट कांड के बाद हटाए गए 160 सिपाही
गैर जनपद किया गया तबादला, बाकी की बीट बदली
आईजी रेलवे ने समीक्षा के बाद दिए थे फेरबदल के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
सोना लूट कांड पर आईजी बीआर मीणा ने समीक्षा के बाद स्थानीय जीआरपी में बड़े पैमाने पर फेरबदल के आदेश दिए थे। इस कड़ी में 160 सिपाहियों को यहां से हटाकर गैर जनपदों में स्थानांतरित कर दिया गया है। साथी ही अन्य सिपाहियों की बीट भी बदल दी गई है। इन सभी की गोपनीय जांच कराई जा रही है।
रेलवे स्टेशन से बांदा निवासी सोना कारोबारी संजय अग्रवाल के कर्मचारी अनिल कुमार सोनी से जीआरपी सिपाही हरीशंकर गौतम ने अपने ललितपुर के रहने वाले साथी वसीम के साथ मिलकर एक किलो सोना लूटा था। घटना के बाद जीआरपी ने मामला दर्ज कर जीआरपी सिपाही व इसके साथी को जेल भेजा था। सिपाही की भूमिका सामने के बाद जीआरपी की काफी किरकिरी भी हुई थी। साथ ही कई सवालियां निशान भी खड़े हो गए थे। मामले को जीआरपी अफसराें ने गंभीरता से लिया। बुधवार को आईजी बीआर मीणा ने झांसी आकर खुलासा किया था। साथ ही जीआरपी सिपाही की भूमिका आने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। इसके साथ ही इन्होंने पूरी घटना की समीक्षा की थी। इसके बाद आईजी बीआर मीणा के निर्देश के बाद एसपी रेलवे डा. ओमप्रकाश सिंह ने अनुभाग के गृह जनपद से सटे बार्डर पर तैनात 160 सिपाहियों को गैर जनपद भेजा है। घटना के बाद 27 अक्टूबर से दो नवंबर के बीच स्थानांतरण किया गया।
आईजी ने समीक्षा में यह भी माना कि लंबे समय से एक ही स्थान डटे रहने के कारण अपराधियों से संबंध बनने का अंदेशा बना रहता है। इसलिए जल्द ही स्टेशन व अन्य स्थानों पर तैनात सिपाहियों की बीट बदली जाएगी। साथ ही यह क्रम जारी रहेगा। समय-समय पर स्टेशन से लेकर ट्रेन स्क्वायड ड्यूटी करने वाले सिपाहियों की भी बीट बदली जाएगी।
सिपाहियों की गोपनीय जांच शुरू
जीआरपी के सिपाहियों की गोपनीय जांच शुरू कर दी गई है। इनकी संपत्ति की भी जांच होगी। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि गलत तरीके अपनाकर कहीं दूसरा खेल तो नहीं चल रहा है। जांच दौरान यदि ऐसे सिपाहियों के नाम सामने आते हैं तो शासन द्वारा विभागीय कार्रवाई की जाएगी।