गर्मी से टूट गईं सांसें, सुरक्षित नहीं पहुंच सके घर
झांसी। केरला एक्सप्रेस में भीषण गर्मी के कारण जान गंवाने वाले तमिलनाडु एक्सप्रेस के तीन वरिष्ठ नागरिकों ने कभी नहीं सोचा होगा कि वह अब कभी अपने घर वापस नहीं लौट पाएंगे। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद उनके शवों को केरला एक्सप्रेस के लगेजवान में ताबूत में रखकर कोयंबटूर भेजा जाएगा। इसके लिए रेल प्रशासन ने इंतजाम कर लिए हैं।
दस दिन पहले तमिलनाडु से 68 लोगों का एक ग्रुप वाराणसी और आगरा घूमने के लिए निकला था। इनमें अधिकांश की उम्र 60 साल से अधिक थी। वाराणसी में धार्मिक यात्रा पूरी करने के बाद वे सब दो दिन पहले आगरा आ गए। उत्तर प्रदेश की गर्मी से ग्रुप के सभी लोगों का बुरा हाल हो रहा था। सोमवार को वे सब 12626 केरला एक्सप्रेस में सवार होकर आगरा से कोयंबटूर लौटकर जा रहे थे। इन सभी के एस 8 व एस 9 कोच में आरक्षण थे। चलती ट्रेन में तमिलनाडु के निलगिरी जिले के कोन्नूर थाना क्षेत्रांतर्गत कोल्लीमलाई अति ग्राहत निवासी पाचीयप्पा के बुंदर पालानी (80), कोन्नूर थाना क्षेत्र के ओट्टूपट्टाराई द नीलग्राश निवासी बालाकृष्णन रामासामी (69), कोयंबटूर के कृष्णा अम्मा राजापुरम मोडी कोयंबटूर साउथ अपलीयत निवासी धीवानाई पत्नी चिन्नारे गर्मी सहन नहीं कर सके और उनकी मौत हो गई। एक अन्य साथी कैन्नूर निवासी सुबरय्या की तबीयत बिगड़ने पर उनको उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इधर, घटना की खबर मिलने पर डीआरएम नीरज अम्बष्ठ, आरपीएफ कमांडेंट उमाकांत तिवारी, आरपीएफ इंस्पेक्टर एके यादव व अन्य अधिकारी जीआरपी थाने पहुंच गए। यहां सीओ जीआरपी राजपाल सिंह, प्रभारी निरीक्षक अमीराम सिंह ने अधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी। साथ ही शवों के साथ उतरीं छह महिलाओं के रुकने का उचित इंतजाम किया गया। इस मामले में डीआरएम ने बताया कि मंगलवार को तीनों शव केरला एक्सप्रेस के लगेजवान में ताबूत में रखकर भेजे जाएंगे। इसके लिए केरला एक्सप्रेस के लगेजवान को नई दिल्ली से खाली मंगाया गया है।
मालूम हो कि, पांच जून को गाजीपुर क्षेत्र के राई मंडी मारकिन गंज गंगा जी के पुल निवासी राजेश गुप्ता की कुशीनगर एक्सप्रेस के जनरल कोच में गर्मी से दम घुटने से मौत हो गई थी। इसी तरह एक जून को बांदा निवासी रामप्रकाश अहिरवार की बेटी सीता की उत्तर प्रदेश संपर्क क्रांति के जनरल कोच में भीड़ व गर्मी से हालत बिगड़ गई थी। झांसी में उतारकर उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।