दुर्घटनाग्रस्त होने से बची मालगाड़ी
झांसी। रेल मंडल के सिंथौली और ग्वालियर रेलवे स्टेशन के बीच मालगाड़ी से छह मीटर लंबी एक लोहे की रॉड टकरा गई। गनीमत रही कि मालगाड़ी का इंजन पटरी से नहीं उतरा। नहीं तो दुर्घटना हो सकती थी। आरपीएफ ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
शुक्रवार की शाम एक खाली मालगाड़ी झांसी से ग्वालियर की तरफ जा रही थी। मालगाड़ी जब सिंथौली स्टेशन से आगे बढ़ रही थी, तभी किलोमीटर नंबर 1222/22 पर पटरियों पर रखी लोहे की रॉड तेज आवाज के साथ इंजन से टकराकर दूर जा गिरी। गनीमत रही कि रॉड इंजन में नहीं फंसी, नहीं तो वह दुर्घटनाग्रस्त हो सकती थी। इस बात की जानकारी चालक ने झांसी कंट्रोल और निकट के स्टेशन मास्टर को दी। सूचना पर आरपीएफ मौके पर पहुंच गई। आरपीएफ ने रॉड को बरामद कर लिया। हालांकि, रॉड रखने वाले शरारती तत्व पकड़े नहीं जा सके। आरपीएफ ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
मालूम हो कि इन दिनों डबरा और सिमरिया ताल स्टेशनों के बीच तीसरी रेल लाइन बिछाने के लिए जमीन का समतलीकरण हो रहा है। इस काम के चलते पटरियों के पास लगे फेंसिंग खंभों को उखाड़कर इधर-उधर डाल दिया गया है। जगह-जगह लोहा पड़ा है। विगत 28 मई की रात भी करीब 3.30 बजे डबरा और सिमरिया ताल स्टेशन के बीच किलोमीटर नंबर 1188/ 24-26 पर शरारती तत्वों ने एक फेंसिंग खंभा को उठाकर झांसी से ग्वालियर की तरफ जाने वाली डाउन ट्रैक की पटरियों पर रख दिया था। गनीमत रही कि उसी वक्त दूसरी तरफ अप ट्रैक से आ रही ट्रेन के चालक को वह खंभा पटरी पर रखा दिखाई दे गया। इससे हादसा टल गया था।
मंडल सुरक्षा आयुक्त उमाकांत तिवारी ने बताया कि यह घटनाएं बेहद गंभीर हैं। कुछ दिन पहले भी इस सेक्शन के डबरा व अनंतपेट स्टेशनों के बीच इसी तरह की घटना को अंजाम दिया गया था। आरोपी को खोजकर जेल भेज दिया। इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। साथ ही आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।