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ओएलएक्स के नाम पर 14 लोगों से लाखों की ठगी

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ओएलएक्स के नाम पर 14 लोगों से लाखों की ठगी
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झांसी। ओएलएक्स पर पुराना सामान खरीदने वाले संभल जाएं। बाइक, मोबाइल, स्कूटी की फोटो डालकर ठग लोगों को शिकार बना रहे हैं। जिले में 14 लोग ठगी का शिकार हो गए हैं। कम दामों में सामान दिखाकर खातों में रकम मंगा ली लेकिन सामान नहीं दिया। इस पर सभी ने नवाबाद थाने में इसकी शिकायत की। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इसकी जांच पुलिस के साथ साइबर सेल भी कर रहा है।
जिले में भी ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल ओएलएक्स के नाम पर लोगों को ठगने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस वेबसाइट पर विज्ञापन डालकर साइबर अपराधी लोगों को ठग रहे हैं। शहर के 14 लोगों से अलग - अलग सामान बेचने के नाम पर ठगी हुई है। इन लोगों ने स्कूटी, कार व मोबाइल आदि पसंद आने पर फोटो अपलोड करने वालों से संपर्क किया। खरीदारों ने उनसे बातचीत की। सौदा तय होने पर सभी ने आधी से ज्यादा रकम उनके खाते में ट्रांसफर कर दी। सामान की डिलेवरी न होने पर खरीदारों ने उन नंबरों पर संपर्क किया तो मोबाइल ऑफ बताता रहा। एक माह के भीतर ठगे गए सभी लोगों ने पुलिस से संपर्क किया। इन शिकायतों के बाद पुलिस भी हरकत में आई। आनन - फानन मेें अधिकारियों को जानकारी दी गई। इस पर एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने सभी की एफआईआर दर्ज करने के साथ ही नवाबाद व साइबर सेल को जांच सौंपी है।
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इस तरह हो रही ठगी
ठग जिस सामान को बेचने का विज्ञापन डालते हैं, उसकी कीमत कम रखते हैं। जब खरीदार संपर्क करता है तब ठग खुद को बड़ा आदमी या सैनिक बताकर कहता है कि वह इसे बेचकर दूसरा खरीदेगा। फिर वह कुछ पैसा अकाउंट में डालने को कहते हैं। पैसा डालने पर फोन करके कहा जाता है कि सामान भेज दिया है। थोड़ा और पैसा डालिए तो कोरियर से आपके घर पहुंच जाएगा। उधर खरीदार को या तो सामान नहीं मिलता या फिर पैकेट में कुछ और सामान रखकर भेज दिया जाता है।


फर्जी नंबरों से जुटाते जानकारी
ओएलएक्स पोर्टल पर ठगों की पूरी नजर है। लोग अपना पुराना वाहन बेचने के लिए विज्ञापन इस साइट पर डालते हैं। इस पर गैंग के सदस्य नंबर के आधार पर वाहन की ऑनलाइन जानकारी ले लेते हैं। इसके बाद फर्जी नंबर से फोन कर पूरी जानकारी जुटा लेते हैं। इसके बाद गैंग का सदस्य लोगों को ठगते हैं।

इनके साथ हुई ठगी
झोकन बाग के चेलाराम कंपाउंड निवासी शैलेेंद्र हिरवानी से स्कूटी के नाम पर 50 हजार रुपये हड़पे।
सैयर गेट निवासी राकेश कुमार से स्कूटी के नाम पर 26,600 रुपये ठगे।
दतिया गेट बाहर निवासी नरेंद्र से मोबाइल के नाम पर 8,300 रुपये ठगे।
ग्वालियर रोड निवासी हरनारायण से स्कूटी के नाम पर 39,800 रुपये ठगे।
नगरा निवासी अभिनय राय से स्कूटी के नाम पर 33,170 रुपये ठगे।
नगरा निवासी तरुण नायक से मोबाइल के नाम पर 30 हजार रुपये ठगे।
चेलाराम कंपाउंड निवासी अरनब से स्कूटी के नाम पर 32,010 रुपये ठगे।
सकरार निवासी रविंद्र कुमार से कार के नाम पर एक लाख 14 हजार रुपये ठगे।
प्रेमनगर क्षेत्र निवासी गुटेरी से स्कूटी के नाम पर 9 हजार रुपये ठगे।
हीरापुरा नगरा निवासी अखिलेश कुमार से कार के नाम पर 58 हजार रुपये ठगे।
खातीबाबा निवासी अरनब विश्वकर्मा से बाइक के नाम पर 57,300 रुपये ठगे।
प्रेमनगर निवासी देवेंद्र से कार के नाम पर 93,589 रुपये ठगे।
प्रेमनगर निवासी अंकित वर्मा से स्कूटी के नाम पर 22 हजार रुपये ठगे।
गुमनावारा निवासी गगन सिंह से कैमरे के नाम पर 65 हजार रुपये ठगे।

सतर्कता ही इस ठगी से बचा सकती है। ऑनलाइन कोई भी सामान खरीदने से पहले इन बातों का ख्याल रखें। जैसे, वाहन खरीदने वाले आधार कार्ड पहले ही मांगें। यदि ग्राहक ओएलएक्स पर विज्ञापन देखकर आया है तो उसका फेसबुक, ईमेल भी जरूर होगा। मोहसिन खान - एक्सपर्ट
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एफआईआर दर्ज कर ली गई है। साइबर सेल व नवाबाद पुलिस जांच कर रही है। मामला गंभीर है, इसीलिए जांच की वे स्वयं मॉनीटिरिंग करेंगे। लोग भी सतर्क रहें। इस तरह की खरीदारी से पहले सतर्कता जरूर बरतेें। पूरी पड़ताल के बाद ही खरीदारी करें। राहुल मिठास, अपर पुलिस अधीक्षक
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