गर्मी ने उड़ाई कैदियों की नींद
झांसी। बढ़ती गर्मी ने हर किसी को बेहाल कर रखा है। जिला जेल में हालात और बदतर हैं। सात बैरकों में क्षमता से अधिक कैदी होने के कारण सभी की नींद उड़ गई है।
जिला कारागार के बंदी भीषण गर्मी में सजा भुगत रहे हैं। यह सजा उनको किसी यातनाओं से नहीं मिल रही है बल्कि कारागार में कैदियों की ज्यादा संख्या के कारण गर्मी से मिल रही है। इसके चलते रात के समय कैदियों की नींद उड़ गई है। जिला जेल में पिछले कुछ समय से लगातार कैदियों की संख्या बढ़ती जा रही है। वर्तमान में जिला कारागार में कैदियों की क्षमता 450 की है, लेकिन अभी 1150 बंद हैं। ऐसे में तीन गुना से अधिक कैदी होने के कारण गर्मी में कैदियों के सामने भारी संकट खड़ा हो गया है। एक बैरक मेें महज 35 बंदियोें को ही रखने का प्रावधान है, लेकिन अधिक होने के कारण सभी 13 बैरकों में इनको रखा गया है। सूत्रों की मानें तो रात को सोने के लिए इन लोगोें को सही से पैर फैलाने व करवट लेने की भी जगह नहीं मिलती है। भीषण गर्मी में दिन के साथ ही रातें काटना भी मुश्किल हो रहा है। रात के समय बैरकों में लगे पंखे गर्म हवा फेंक रहे हैं, जिससे बंदियों की रातोें की नींद उड़ा गई है। वहीं, जेल प्रशासन कैदियों को हर सुविधाएं मुहैया कराने की भी बात कर रहा है।
व्यवस्था ठीक रखने की बनी रहती चुनौती
क्षमता से ज्यादा कैदियों का बोझ ढो रही जिला जेल में संगीन धाराओं के कैदी भी बंद हैं। ऐसे में सीमित सुरक्षा संसाधनों के बीच इनकी सुरक्षा और निगरानी जेल प्रशासन के लिए चुनौती होती है। यह गैंग न बना लें, इसको लेकर भी अलग से टीम नजर बनाए रखती है। इसके अलावा, कैदियों से मुलाकात करने वालों की संख्या भी अधिक होने के कारण जेल प्रशासन परेशान रहता है।
गर्र्मी के मद्देनजर जेल की बैरकों में व्यवस्थाएं की गई हैं तो कई जगह कूलर भी लगाए गए हैं। अधिक से अधिक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। कहीं कुछ कमी है तो उसको दूर करने का भी प्रयास किया जा रहा है। राजीव शुक्ला, वरिष्ठ जेल अधीक्षक