दुकानों से नदारद ब्रांडेड शराब
झांसी। लोकसभा चुनाव आते ही शराब की मांग बढ़ गई है। बड़े ब्रांड की शराब को तो दुकानदारों ने डंप कर लिया है। इसे अतिरिक्त दाम देने पर ही दिया जा रहा है। बाजार में वही ब्रांड आसानी से मिल रहे हैं जिनकी खपत कम है। इससे लोगों को बड़े ब्रांड पाने के लिए दुकानों के चक्कर लगाना पड़ रहे हैं। दुकानदार भी इस मौके का खूब फायदा उठा रहे हैं। वह अपनी मर्जी के ब्रांड की शराब लोगों को थमा रहे हैं।
एक अप्रैल लगने के बाद दुकानों से शराब का कोटा भले ही खत्म हो गया था, लेकिन जैसे जैसे लोकसभा चुनाव की तिथि करीब आ रही है, वैसे - वैसे दुकानों पर ब्रांडेड शराब नहीं मिल रही है। सुरा प्रेमी दुकानों के चक्कर लगाते- लगाते परेशान हैं। दुकानों पर अधिकांशत: वही ब्रांड की शराब बिक रही है, जिनकी पूछ पूरे साल नहीं होती।
चूंकि, चुनाव के चलते महानगर में देर रात तक अलग- अलग स्थानोें पर पार्टियों का दौर चल रहा है। ऐसे में दुकानदारों की भी चांदी है। शराब की खपत बढ़ गई है। मौका का फायदा उठाते हुए कई दुकानदारों ने महंगी शराब रोक कर रख ली है। उन्हीं लोगों को यह उपलब्ध कराई जा रही है जो अतिरिक्त दाम दे रहे हैं।
माना जा रहा है कि चुनाव के लिए शराब को स्टॉॅक किया जा रहा है। इसके चलते रिटेल दुकानोें यानी ठेकों पर भी शराब की कमी आ गई है। पिछले एक सप्ताह से ठेके वालों को होलसेलर से पर्याप्त मात्रा में माल नहीं मिल पा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि शराब की किल्लत इसीलिए शुरू र्हुई है, क्योंकि शराब बनाने वाली कंपनियोें ने सप्लाई कम कर दी है। वहीं, जिला आबकारी अधिकारी गंगाराम का कहना है कि जिले में शराब की आपूर्ति पूर्ण रुप से है, इसमें कोई कमी नहीं है। यदि इस तरह का कोई मामला है तो उसे दूर कराया जाएगा।
इनकी है मांग
वैसे अमूमन दुकानों पर इंटीक्यूटी, 100 पाइपर्स, ब्लैैक डॉग, सिगनेचर, रॉयल स्टेक व इम्पीरियल ब्लू बिकती है। चुनाव के चलते एक सप्ताह पहले से ही इंटीक्यूटी, ब्लैैक डॉग, सिग्नेचर सुरा प्रेमियों को नहीं मिल पा रही है। दुकानदार बता रहे हैं कि स्टॉक ही नहीं है। यदि कुछ दुकानों पर मिल भी रही है तो कहा जा रहा है कि एक घंटे बाद आओ, अलग से चार्ज लगेगा। मुंहमांगी शराब के लिए अतिरिक्त दाम वसूल किए जा रहे हैं।