अमर उजाला के ‘अपराजिता’ के तहत इलाइट चौराहे पर नुक्कड़ नाटक ‘दस्तक’ का मंचन करते रंगमंच कलाकार।
झांसी। अमर उजाला के नारी गरिमा के साझा संकल्प ‘अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत शनिवार को इलाइट चौराहे पर नुक्कड़ नाटक ‘दस्तक’ का मंचन किया गया, जिसके जरिये कलाकारों ने महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों को दर्शाते हुए इन्हें सभ्य समाज के लिए काला दाग बताया। कलाकारों ने अभिनय और संवादों के जरिये लोगों को नारी गरिमा के प्रति जागरूक किया। साथ ही निर्भया कांड के दोषियों को फांसी की सजा सुनाए जाने पर खुशी भी जाहिर की गई। इस दौरान नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ भी ली गई। नाटक का मंचन पुष्पेंद्र एंड ग्रुप के कलाकार भारत आजाद, पुष्पेंद्र सिंह, स्नेहा कुमारी, मिथुन कुमार व मोनू ने किया।
देश के संविधान ने महिला, पुरुष सभी को समान दर्जा दे रखा है। इसके बावजूद असमानता की भावना संविधान का अपमान है।
- रोहिणी वंशधर, छात्रा
चाहे कोई परिवार, समाज हो या देश, महिलाओं के सम्मान के बगैर उत्थान संभव नहीं है। हमें ये बात भावी पीढ़ी को समझानी होगी।
- श्रुति वर्मा, छात्रा
जिस तरह से हम अपनी घर की महिलाओं का सम्मान करते हैं, ठीक उसी तरह से हमें अन्य सभी महिलाओं का भी सम्मान करना चाहिए।
- मिथुन कुमार, छात्र
महिलाओं का सम्मान हमारा कर्तव्य ही नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी है। ये बात सभी को हमेशा याद रखनी चाहिए।
- सोनू, छात्र
तेजी से शिक्षित होते समाज में महिलाओं के प्रति अपराध भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में हमें शिक्षा में नैतिक मूल्यों को शामिल करना होगा।
- पुष्पेंद्र सिंह, छात्र
महिलाओं के प्रति लोगों की सोच में बदलाव आया है। बावजूद, अभी भी एक बड़ा तबका नहीं बदला है। हमें उस तबके को जागरूक करना होगा।
- स्नेहा कुमारी, छात्रा