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कैमरे में कचहरी चौराहे से कार का पीछा करते नजर आए बाइक सवार

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झांसी। कारोबारी के साथ हुई घटना की सूचना लगने के बाद रात में ही पुलिस ने घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले, लेकिन ज्यादा कुछ हासिल नहीं हो पाया। इसके बाद पुलिस ने मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए, जिसमें चेहरे को ढके हुए दो बाइकों पर सवार चार संदिग्ध युवक कार का पीछा करते नजर आए।
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कारोबारी अजीत मिश्रा के साथ घटना मेहंदीबाग मुहल्ले की एक तंग गली में हुई। ये गली दूसरी ओर से आंतिया तालाब रोड पर खुलती है। घटना स्थल के आसपास कई घरों में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। पुलिस ने रात में इन कैमरों के फुटेज खंगाले, लेकिन तस्वीर साफ नहीं मिली। बदमाशों की बाइकों की तेज रोशनी कैमरों पर पड़ने की वजह से तस्वीर धुंधली दिखी। इसके बाद पुलिस ने मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की ओर रुख किया। कचहरी चौराहे से इलाइट की ओर जाने वाली सड़क पर कारोबारी की कार के पीछे दो बाइकों पर चार संदिग्ध नजर आए। चारों ने अपने चेहरे मास्क से ढक रखे थे, जिससे उनके चेहरे फुटेज में साफ नहीं दिख रहे हैं। हालांकि, पुलिस चारों संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।
पहले45 लाख लूट की दी थी सूचना
झांसी। घटना के बाद कारोबारी अजीत मिश्रा ने रात 12.10 बजे कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक तुलसीराम पांडेय के मोबाइल पर फोन कर 45 लाख रुपये की लूट की सूचना दी थी। लेकिन, रविवार की शाम दी गई तहरीर में 33 लाख रुपये दर्शाए। इसके अलावा सुबह घटना के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए पुलिस को कारोबारी की खासी तलाश करनी पड़ी। वह दोपहर में अपने अधिवक्ता के साथ पुलिस के पास पहुंचा। पीड़ित ने चार-पांच बार तहरीर भी बदली। इसके अलावा घटना को लेकर कई बार बयान भी बदले, जिसमें पुलिस उलझी रही। शाम साढ़े पांच बजे उन्होंने पुलिस को तहरीर दी, इसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं, दिन में डीआईजी जोगेंद्र कुमार व एसएसपी शिवहरी मीणा ने घटना स्थल का मुआयना किया। इसके अलावा एसएसपी ने पीड़ित से काफी देर तक बात कर घटना के बारे में जानकारी हासिल की।
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हवाला की रकम होने का भी संदेह
झांसी। कारोबारी ने पुलिस को बताया कि वह शनिवार की रात मध्य प्रदेश के छतरपुर से रकम लेकर लौटे थे। बैग में तीन कारोबारियों के 33 लाख रुपये थे। इनमें से एक के 20 लाख, दूसरे के 10 लाख और तीसरे के तीन लाख रुपये थे। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि कारोबारी बाहर से अन्य व्यापारियों की रकम लेकर यहां आता था, जिसके एवज में उसे कमीशन मिलता था। इस पर पुलिस की ओर से रकम हवाला की होने की भी आशंका जताई जा हरी है। इस दिशा में भी पुलिस की जांच जारी है। वहीं, कारोबारी के पास पहले एक बिस्किट, ब्रांडेड इलायची व मेहंदी की भी डिस्ट्रीब्यूटरशिप रही, परंतु कोरोना काल से कारोबार गड़बड़ाया हुआ था।
बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित कर दी गई हैं। घटना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुराग भी पुलिस के हाथ लगे हैं। शीघ्र घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
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- शिवहरी मीणा, एसएसपी
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