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Jhansi News: नर्स बोलीं-प्रमाणपत्र के नाम पर लिए पैसे, सेवानिवृत्त समेत तीन कर्मी फंसे

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झांसी। कोविड ड्यूटी प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर आउटसोर्सिंग पर तैनात नर्सों से वसूली करने के मामले में मेडिकल कॉलेज के एक सेवानिवृत्त समेत तीन कर्मचारी फंस गए हैं। शनिवार को डीएम और कॉलेज प्रशासन की ओर से गठित समितियों ने जांच की। नर्सों ने कमेटी को पैसे लेने वाले कर्मचारियों के नाम भी बताए। अब रविवार को डीएम को रिपोर्ट भेजी जाएगी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
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कोरोना काल में सेवाएं देने वालीं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से मेडिकल कॉलेज में कोविड ड्यूटी प्रमाणपत्र बनाने के लिए पांच सौ से एक हजार रुपये लिए गए थे। इसकी शिकायत कर्मचारियों द्वारा कॉलेज प्राचार्य से की गई थी। इस प्रकरण को अमर उजाला ने 30 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से उठाया था। फिर कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई। वहीं, डीएम ने भी प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर और एसीएमओ डॉ. एनके जैन को जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। शनिवार को दोनों ही समितियों ने बैठक की। पैसे लेने का आरोप लगाने वाली नर्सों को भी पूछताछ के लिए बुलाया। इसके अलावा जिन कर्मचारियों पर आरोप लगे हैं, उनसे भी पूछताछ की गई। कर्मचारियों ने कहा कि प्रमाणपत्र बनाने के लिए बारकोड की जरूरत थी। इसे मंगवाने के लिए पैसे लिए गए हैं। वहीं, बड़ा सवाल ये उठता है कि बार कोड की जरूरत थी, तो कॉलेज प्रशासन को बताना चाहिए था। कॉलेज शासन से इसके लिए बजट मांगता। ऐसा न करके सीधे नर्सों से पैसे ले लिए गए। सूत्रों ने बताया कि एक सेवानिवृत्त कर्मचारी समेत स्टाफ के तीन लोग इस प्रकरण में फंस गए हैं। अब समिति रविवार को अपनी रिपोर्ट डीएम को भेज देगी। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होना तय है।
जिलाधिकारी और कॉलेज की ओर से गठित समिति द्वारा जांच की गई है। रविवार को जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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