अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सिकमी दुकानदारों पर भारी-भरकम नामांतरण शुल्क थोपने का आरोप लगाते हुए पार्षदों ने ओटीएस का विरोध शुरू कर दिया है। मंगलवार को पूर्व उपसभापति सुनील नैनवानी की अगुवाई में पार्षदों ने महापौर को ज्ञापन सौंपते हुए इस प्रक्रिया को रोकने की मांग की। पार्षद सदन से नई दरों को तय कराने की मांग कर रहे हैं।
पूर्व उपसभापति सुनील नैनवानी ने कहा कि सिकमी दुकानदारों के लिए नामांतरण शुल्क सात हजार रुपये वर्गफीट की दर से तय किया गया, जबकि मूल अध्यावासी के लिए यह दर महज पांच सौ रुपये ही रखी गई है। सिकमी दुकानदारों का नामांतरण शुल्क अधिक होने से ऐसे दुकानदार नामांतरण कराने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। पार्षदों ने इसके लिए चलाई जा रही ओटीएस प्रक्रिया को तुरंत रोकने के साथ सदन से नई दरों को तय करने की मांग की। इस दौरान भाजपा के अन्य पार्षद भी मौजूद रहे।