फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: झांसी में बढ़ गईं कोरोना की पांच गुना जांचें, दिखती कहीं नहीं हैं

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। कोरोना की वापसी का खतरा बना हुआ है। शासन की ओर से भी कोविड की जांचें बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सरकारी आंकड़ों में रोजाना 500 जांचें होने लगी हैं मगर जिला अस्पताल हो या फिर मेडिकल कॉलेज, यहां पर कहीं भी जांच होती दिखती नहीं है।
विज्ञापन

जिले में सबसे ज्यादा मरीजों की भीड़ जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में उमड़ती है। दोनों ही अस्पतालों में ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक के आंकड़े देखें तो औसतन रोजाना करीब साढ़े चार हजार मरीज यहां दिखाने के लिए आते हैं। कोरोना की तीसरी लहर तक पर्चा बनाने से पहले कोविड की जांच अनिवार्य कर दी गई थी। एंटीजन किट से कोविड जांच होने पर ही मरीज का पर्चा बनता था। जिस मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आती थी, उसका सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया जाता था। चीन समेत कई देशों में कोविड के केस बढ़ने से अब फिर से नई लहर के साथ महामारी के लौटने का खतरा मंडरा रहा है। इसको मद्देनजर रखते हुए स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि झांसी में एक सप्ताह पहले तक जहां सौ कोविड टेस्ट होते थे, अब उनकी संख्या बढ़ाकर 500 कर दी गई है। शनिवार को अमर उजाला ने जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में जाकर जांच की हकीकत परखी तो कहीं पर भी कोरोना जांच नहीं हो रही थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लक्षण वाले लोगों की जांच की जा रही है। मगर सरकारी अस्पतालों में मरीजों के पर्चा काउंटर की लाइन में लगने से पहले ये जांच करने वाला ही कोई नहीं है कि रोगी को कोई लक्षण हैं या नहीं। ऐसे में भला सैंपल कौन लेगा।
अस्पतालों में 30 फीसदी मरीज बुखार, खांसी के
सरकारी अस्पतालों में इन दिनों फिजीशियन ओपीडी में 30 फीसदी मरीज बुखार, खांसी और जुकाम के आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. जकी सिद्दीकी ने बताया कि बदलते मौसम की वजह से वायरल के मरीज बढ़ गए हैं। लोगों को इस समय सर्दी से बचाव करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें