कोरोना संक्रमित मिली चौथी महिला मायके में कन्या भोज के दौरान भी शामिल थी। उन्होंने 16 या 17 अप्रैल को नारायण धर्मशाला के पास स्थित क्लीनिक पर एक डॉक्टर को भी दिखाया था। यहां से वह पति के साथ ओरछा गेट स्थित घर आ गई थीं। अगले दिन पति फिर महिला को पुलिया नंबर नौ स्थित मायके में छोड़ आया था। पति का कहना है कि उसकी पत्नी की पड़ोस में रहने वाली पहली कोरोना संक्रमित महिला से एक महीने से भी अधिक समय से मुलाकात नहीं हुई। ओरछा गेट में रहने वाले चार लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हो चुकी है मगर इन लोगों तक वायरस कैसे पहुंचा इस पर अभी भी संशय बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम अब तक झांसी में कोरोना वायरस की दस्तक का कारण नहीं खोज सकी हैं। वहीं, कोरोना पॉजिटिव मिली चौथी महिला के पति ने बताया कि उसे भी नहीं पता कि पत्नी कहां से कोरोना संक्रमित हुई है। बातचीत में उसने बताया कि एक-दो अप्रैल को वह अपनी पत्नी को नौ नंबर स्थित रेलगंज मुहल्ले में छोड़ आया था। नवरात्र के अंतिम दिन मायके में कन्या भोज हुआ, जिसमें उनकी पत्नी भी शामिल थी। 16 या 17 अप्रैल को पत्नी को मुंह में छाले की समस्या होने पर वह मायके से लेेकर नारायण धर्मशाला स्थित एक क्लीनिक पर डॉक्टर पर दिखाने गया था। फिर यहां से पत्नी को लेकर ओरछा गेट स्थित घर पहुंच गया। अगले ही दिन वह पत्नी को फिर मायके छोड़ आया। पति ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव मिली पहली महिला से उसकी पत्नी की एक महीने से अधिक समय से मुलाकात नहीं हुई। दोनों परिवार के सदस्य एक-दूसरे के घर नहीं आए। उसे खुद समझ नहीं आ रहा है कि पत्नी कब और किससे कोरोना संक्रमित हुई है।