अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। आरईएस की बनी बनाई सड़क को नगर निगम की दर्शाकर ठेकेदार को 29 लाख रुपये का भुगतान किए जाने के मामले पर अब सियासी रंग चढ़ गया है। निगम का दावा था कि सड़क दूसरी जगह बनवाई गई है, इस पर कांग्रेसी बृहस्पतिवार को दूसरी सड़क की तलाश करते रहे, लेकिन वह मिली नहीं।
आरईएस द्वारा सदर विधायक की निधि से वार्ड नंबर 39 में सड़क का निर्माण किया गया था। 6.86 लाख रुपये की लागत से इस सड़क का काम मई 2024 में पूरा कर लिया गया था। आरईएस की ओर से इसका सूचना पट भी लगवा दिया गया था। अब सामने आया है कि इसी बनी बनाई सड़क का नगर निगम ने टेंडर निकाल दिया और जून में निर्माण पूरा होना भी दर्शा दिया। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जुलाई में संबंधित फर्म को 29 लाख रुपये भुगतान भी कर दिया गया। दावा था कि निगम द्वारा दूसरी जगह पर सड़क बनवाई गई है। निगम के दावे के मुताबिक बृहस्पतिवार को कांग्रेसी पूर्व मंत्री प्रदीप जैन की अगुवाई में दूसरी सड़क की तलाश करते रहे, लेकिन वह नहीं मिली। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि निगम भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए बनी बनाई सड़क की जगह दूसरी सड़क बनाने का झूठा दावा कर रहा है।
इसके अलावा निगम द्वारा सड़क निर्माण का जिस फर्म को भुगतान किया गया है, वह भी सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि फर्म का रजिस्ट्रेशन गलत तथ्यों के आधार पर किया गया है। इसके अलावा उसे सड़क का ठेका देने के लिए भारी अनियमितताएं बरती गई है। फिलहाल नगर निगम की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है।