- कक्षाओं में पढ़ाई छोड़कर मूल्यांकन समेत कोई दूसरा काम नहीं कर सकेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में अनुशासनिक जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है। शिक्षक कक्षाओं में पढ़ाई छोड़कर मूल्यांकन, प्रश्नपत्र बनाने समेत दूसरा कोई काम नहीं कर सकेंगे।
बीयू के एक शिक्षक पर दो शोधार्थियों ने कई आरोप लगाते हुए कुलसचिव को शिकायती पत्र सौंपा था। इसके बाद हुई आरडीसी की बैठक में दोनों शोधार्थियों को अलग-अलग गाइड आवंटित कर दिए गए थे। वहीं, गाइड ने भी बीयू के ही एक प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाते हुए अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपा। सोशल मीडिया पर भी प्रोफेसर के खिलाफ टिप्पणी की थी। कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षक के खिलाफ अनुशासनिक जांच समिति का गठन कर दिया गया है। समिति में प्रो. आरके सैनी, प्रो. एमएम सिंह, प्रो. पूनम पुरी, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. मुरलीधर, उप कुलसचिव दिनेश कुमार शामिल हैं। शिक्षक अब मूल्यांकन, वाइवा, गाइड, प्रश्नपत्र बनाने समेत अन्य कार्य नहीं कर सकेंगे। जब तक अनुशासनिक जांच पूरी नहीं हो जाती है। सिर्फ कक्षाओं में पढ़ाई कराएंगे।