अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शीतलहर चलने की वजह से मंगलवार को दिन में भी लोगों की कंपकंपी छूटी। सुबह 11 बजे धूप निकली मगर ठंडी हवाएं चलने की वजह से कोई असर नहीं दिखा। न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। मौसम विभाग ने 21 जनवरी तक छह-सात डिग्री न्यूनतम तापमान रहने की संभावना जताई है।
झांसी में सोमवार से फिर से खासकर दिन में ठंड का ग्राफ बढ़ना शुरू हो गया है। दो दिन पहले तक जो अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। वो मंगलवार को लुढ़ककर 14.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो कि सामान्य से 7.7 डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम पारा सात डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य से 1.4 डिग्री कम है। सोमवार की तुलना में अधिकतम पारा में 4.9 डिग्री और न्यूनतम में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार सिंह का कहना है कि आने वाले चार-पांच दिन तक अधिकतम तापमान में मामूली इजाफा हो सकता है। मगर सर्द हवाओं के कारण न्यूनतम पारा छह से सात डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। मध्यम से घना कोहरा छाने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम की ओर से सात से आठ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
ओपीडी में वायरल का शिकार 50 फीसदी बच्चे आ रहे
झांसी। मौसम में लगातार आ रहे बदलाव का असर खासकर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। शीतलहर शुरू होने के बाद पिछले दो दिनों में मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में वायरल से पीड़ित 50 फीसदी बच्चे इलाज कराने पहुंच रहे हैं। बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि मौसम में बदलाव से खांसी, जुकाम से लेकर बुखार की चपेट में बच्चे आ रहे हैं। खांसी-जुकाम ठीक होने में एक हफ्ते तक लग रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुज सेठी ने कहा कि इन दिनों बच्चों को सर्दी से बचाएं। ठंडी चीजों न खाने दें। ब्यूरो