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Jhansi News: कोआपरेटिव बैंक की प्रबंध समिति पर भाजपा का कब्जा तय, विपक्षी नहीं कर पाए नामांकन

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झांसी। बृहस्पतिवार को रानी लक्ष्मीबाई अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के डायरेक्टर के बारह पदों के लिए हुई चुनावी प्रक्रिया में भाजपा का दबदबा रहा। बारह पदों पर बारह ही नामांकन होने से निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। भाजपा नेताओं का दावा है कि सभी बारह लोग भाजपा के कार्यकर्ता हैं लिहाजा कोआपरेटिव बैंक की प्रबंध समिति पर भाजपा का कब्जा तय माना जा रहा है।
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सुबह 10 बजे से नामांकन प्रक्रिया आरंभ हुई। नामांकन के लिए 20 फॉर्म की बिक्री हुई लेकिन, नामांकन प्रक्रिया आरंभ होते ही नजारा बदल गया। कार्यकर्ताओं का हुजूम बैंक के गेट पर ही बैठ गया। दरवाजा भी बंद कर लिया गया। कुछ विपक्षी नेताओं ने हिम्मत जुटाई लेकिन, भाजपा कार्यकर्ताओं ने हल्ला-गुल्ला शुरू कर दिया। विपक्षियों का आरोप है कि किसी को भीतर जाने नहीं दिया जा रहा था। अलग-अलग चार क्षेत्रों के लिए 12 उम्मीदवारों ने ही नामांकन दाखिल किया। इनमें आवास विकास क्षेत्र से मनीष पाठक, मनु सिंह, उमा, शहर से संजय अग्रवाल, पुरुषोत्तम स्वामी, मीरा भारती, सिविल लाइन क्षेत्र से कृष्ण बिहारी तिवारी, बालस्वरूप साहू, ऊषा सेन और सूजे खां क्षेत्र से रमाकांत पंकज दुबे, अमित चिरवारिया, अरुणा गुप्ता ने नामांकन दाखिल किया। यह सभी भाजपा समर्थित उम्मीदवार हैं। हालांकि भाजपा नेताओं का कहना है कि फॉर्म लेने के बाद जिन्होंने नामांकन नहीं किया, उन्हें प्रस्तावक ही नहीं मिले होंगे। अब शुक्रवार को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 23 जनवरी को नाम वापसी होनी है। किसी के पर्चा वापस न लेने पर सभी 12 लोगों का निर्विरोध निर्वाचन हो जाएगा। इसके बाद 27 जनवरी को सभापति, उप सभापति का नामांकन होगा। यदि चुने जाने वाले 12 निदेशक के बीच सहमति नहीं बनती है तो चुनाव कराया जाएगा।
तीन उम्मीदवारों के पास दूसरी बार निदेशक बनने का मौका
नामांकन करने वालों में से तीन उम्मीदवार ऐसे हैं जो पहले भी निदेशक रह चुके हैं। इसमें संजय अग्रवाल, मनीष पाठक और पंकज दुबे शामिल हैं। ऐसे में पर्चा खारिज नहीं हुआ तो ये दूसरी बार निदेशक बन जाएंगे।
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पिछली बार लॉटरी से चुना गया था सभापति
पिछली बार लक्ष्मीबाई को-ऑपरेटिव बैंक के सभापति का लॉटरी से फैसला हुआ था। तब चुनाव के दौरान सुधीर सिंह और वीरेंद्र सिंह यादव को छह-छह वोट मिल थे। इसके बाद लॉटरी कराई गई, जिसमें वीरेंद्र सिंह यादव का नाम निकला था और वो सभापति बन गए थे।
किसी ने भी नामांकन जमा करने से रोकने या दबाव डालने की शिकायत दर्ज नहीं कराई है। मौके पर पुलिस फोर्स भी तैनात थी। शांतिपूर्ण ढंग से नामांकन प्रक्रिया संपन्न हुई है। - मानवेंद्र सिंह, चुनाव अधिकारी।
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