झांसी। स्मार्ट सिटी मिशन के जरिए प्रस्तावित स्मार्ट हेल्थ सेंटर परियोजना का रास्ता साफ हो गया। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार इसके लिए तालपुरा में जमीन तय हो गई। यहां कार्यदायी एजेंसी ने काम भी शुरू करा दिया। अत्याधुनिक पैथोलॉजी परीक्षण सेंटर बनाया जाएगा। जनवरी से इस सुविधा का लाभ महानगरवासियों को मिलना आरंभ हो जाएगा। इसकी मदद से किफायती दरों में मेडिकल जांच की सहूलियत मिल सकेगी।
दो साल पहले आगरा में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरूआत हुई थी। वहां मिली कामयाबी के बाद झांसी को भी स्मार्ट हेल्थ परियोजना के तहत चुना गया। इस परियोजना की मदद से मरीज खून की जांच से लेकर सीटी स्कैन तक बाजार से बेहद सस्ते दाम पर करा सकेंगे। इसके लिए पिछले साल ही मेडिकल कॉलेज के सामने जमीन चुनी गई थी लेकिन, अवैध कब्जा होने की वजह से यह पचड़े में फंस गई। इस वजह से एक साल से यह पूरा मामला अधर में फंसा रहा। इसके बाद से नगर निगम प्रशासन नई जमीन की तलाश में जुटा था। ग्वालियर रोड, सीपरी बाजार समेत कई जगहों पर जमीन देखी गई लेकिन, मेडिकल से दूरी होने के नाते इस पर सहमति नहीं बनी। काफी खोजबीन के बाद तालपुरा में गाटा संख्या 125 में 18054 वर्ग फुट जमीन इसके लिए चिन्हित कर ली गई। यहां नई दिल्ली की एजल मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड ने फाउंडेशन संबंधी कार्य भी शुरू करा दिए हैं। नगर आयुक्त पुलकित गर्ग के मुताबिक जनवरी तक इसके एक हिस्से के आरंभ हो जाने की उम्मीद है।
सत्तर से अधिक जांचों की मिलेगी सुविधा
इस अत्याधुनिक पैथोलॉजी सेंटर में सत्तर से अधिक जांच की सहूलियत मिलेगी। इनमेें पैथोलॉजी की समस्त जांच समेत सीबीसी, एलएफटी, केएफटी, थाइरॉयड, हीमोग्लोबिन, शुगर के अलावा सीटी स्कैन समेत अन्य महंगी जांच भी बेहद रियायती दरों में कराई जा सकेंगी। दूसरे चरण में नेत्र परीक्षण, फिजियोथेरेपी, दंत चिकित्सा, कैंसर संबंधी परीक्षण समेत अन्य सहूलियत भी मिलेगी।
इन दरों पर मिलेगी जांच की सुविधा
हीमोग्लोबिन- 18 रुपये
एक्स रे- 60 रुपये
सीटी स्कैन- 900 रुपये
अल्ट्रा साउंड- 323 रुपये
यूरिन टेस्ट- 35 रुपये
ईसीजी- 50 रुपये
रूट कैनाल- 550 रुपये
बॉडी स्केनिंग- 1500 रुपये
मालूम चल जाएगा किस इलाके में फैला कोविड, कहां फैल रहा मलेरिया
स्मार्ट सिटी मिशन अफसरों के मुताबिक मरीजों के निवास स्थान के आधार पर पूरा डेटा तैयार होगा। इस डेटा का आईट्रिपल सी के आधुनिक साफ्टवेयर से अध्ययन करने पर महानगर के किस इलाके में किस तरह के रोग फैल सकते हैं, इसका सटीक आकलन किया जा सकेगा।