अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। होली के त्योहार पर जिले में होलिका दहन की अनोखी परंपरा है। यहां शहर कोतवाल होलिका दहन करते हैं। झांसी में राजा गंगाधर राव के समय से यह परंपरा चली आ रही है, जो आज भी जारी है। जिले में शहर कोतवाल द्वारा होलिका दहन की शुरुआत की जाती है। इस वर्ष भी घास मंडी स्थित मुरली मनोहर मंदिर के सामने होलिका दहन किया जाएगा।
बताया जाता है कि झांसी में 1854 में सबसे पहले शहर कोतवाल द्वारा होलिका दहन किया गया था। 1853 में झांसी के महाराज गंगाधर राव के निधन के बाद जो पहली होली आई उसे झांसी के लोगों ने नहीं मनाया था। उस समय शहर कोतवाल द्वारा ही होलिका दहन करके होली पर्व की शुरुआत की गई थी। तभी से आज तक यह परंपरा चली आ रही है। घास मंडी स्थित मुरली मनोहर मंदिर के सह व्यवस्थापक हर्षल गोलवलकर ने बताया कि होलिका दहन की तैयारियां कर ली गई हैं। प्रत्येक वर्ष की तरह इस साल भी शहर कोतवाल होलिका दहन करेंगे।