झांसी। आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद सभी सरकारी योजनाओं के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है। साथ ही वर्तमान वित्तीय वर्ष भी पूरा हो रहा है। ऐसे में समाज कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की शेष बची 84 लाख रुपये की धनराशि शासन को वापस कर दी है। इसको लेकर जिला समाज कल्याण अधिकारी ललिता यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में वित्तीय वर्ष में जो विवाह संपन्न हो चुके हैं, उनके बाद शेष धनराशि शासन को लौटा दी गई है।
0 जिला अस्पताल में बढ़ी सीटी स्कैन की संख्या
झांसी। जिला अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में आए दिन होने वाले विवादों के चलते यहां मरीजों को अल्ट्रासाउंड का लाभ कम ही मिल पाता है। ऐसे में मरीज मंडलीय चिकित्सा अधीक्षक से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल तक पर शिकायत कर रहे हैं। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने अब सीटी स्कैन को इसका विकल्प बनाया है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 1500 मरीज आते हैं। इनमें से लगभग 400 मरीजों को अल्ट्रासाउंड की जांच की सलाह दी जाती है। लेकिन, यहां के रेडियोलॉजी विभाग में आए दिन विवाद की स्थिति बन जाती है। बीती 23 मार्च को भी बड़ी संख्या में मरीज मंडलीय चिकित्सा अधीक्षक के पास शिकायत लेकर पहुंचे थे कि उनका अल्ट्रासाउंड नहीं किया जा रहा है। लेकिन, तब से लेकर अबतक स्थिति में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। हालांकि, मरीजों को समस्या से निजात दिलाने के लिए मंडलीय चिकित्सा अधीक्षक ने अब सीटी स्कैन को विकल्प बनाया है। बुधवार को सीटी स्कैन की संख्या बढ़ गई। जहां 15 मरीजों का सीटी स्कैन प्रतिदिन होता था वह अब बढ़कर 36 तक पहुंच गया है। इस संबंध में मंडलीय चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुमार कटियार ने बताया कि मरीज रेडियोलॉजी विभाग की शिकायतें लेकर आ रहे हैं। जिस पर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। साथ ही सीटी स्कैन से भी मरीजों का स्वास्थ्य जांचा जा रहा है।
महिला कृषकों को दिया श्री अन्न प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण
झांसी। बुंदेलखंड में श्री अन्न को बढ़ावा देने के लिए रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय लगातार किसानों को प्रशिक्षित कर रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को ग्राम भोजला में अनुसूचित जाति की महिला कृषकों को श्री अन्न की प्रोसेसिंग सिखाई गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. मनमोहन डोबरियाल रहे। प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने वालीं महिलाओं को ज्वार, बाजरा, मक्का, कोदो, रागी से बनने वाले उत्पादों की जानकारी देने के साथ ही उन्हें कैसे बनाया जाता है यह भी सिखाया गया। डॉ. रंजीत पाल और समन्वयक डॉ. घनश्याम अबरोल ने भी श्री अन्न को प्रोसेस करने की जानकारी दी। महिला कृषकों को सेवईं बनाने की मशीन भी दी गईं। संवाद