संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। अक्तूबर के अंत में दिवाली और नवंबर की शुरूआत में बिहार में छठ पूजा की धूम रहने वाली है। ऐसे में दक्षिण भारत के राज्यों में रहकर नौकरी और श्रम कर रहे पूर्वांचल के लोग अपने घरों को लौटने की तैयारी कर रहे हैं। झांसी से होकर बिहार की ओर जाने वालीं ट्रेनों में अभी से टिकट बुकिंग फुल हो गई है। स्थिति यह है कि 90 प्रतिशत ट्रेनों की सभी श्रेणी में सीटें भर चुकी हैं।
पूरे देश में 29 अक्तूबर को दिवाली मनाई जाएगी। वहीं, बिहार समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 नवंबर को होने वाली छठ पूजा को लेकर महापर्व जैसा माहौल रहेगा। ऐसे में देश के विभिन्न राज्यों में रह रहे बिहार के लोग छठ पूजा में शामिल होने के लिए ट्रेनों द्वारा अक्तूबर के अंत से ही बिहार पहुंचना शुरू कर देंगे। इन यात्रियों के लिए झांसी स्टेशन महत्वपूर्ण है।
यही कारण है कि वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन से होकर कानपुर, लखनऊ, गोंडा, बस्ती, समस्तीपुर, हाजीपुर, पटना, बरौनी जैसे शहरों की ओर जाने वाली ट्रेनों में अभी से सीटें फुल हो गई हैं। स्थिति यह है ट्रेनों के स्लीपर से लेकर सेकेंड एसी तक किसी भी श्रेणी में 29 अक्टूबर को भी सीट तो दूर वेटिंग तक नहीं मिल रही है।
ये है ट्रेनों में आरक्षण की स्थिति
गोरखपुर-पनवेल एक्सप्रेस के थर्ड एसी में 42 वेटिंग, स्लीपर और सेकेंड एसी में वेटिंग भी नहीं।
लोकमान्य तिलक-सीतापुर एक्सप्रेस थर्ड एसी में 30 वेटिंग, स्लीपर और सेकेंड एसी में वेटिंग भी नहीं।
पुष्पक एक्सप्रेस के स्लीपर में 40, थर्ड एसी इकॉनोमी में 42 और सेकेंड एसी में 25 वेटिंग है।
राप्तीसागर एक्सप्रेस के थर्ड एसी में 30 और सेकेंड एसी में 10 वेटिंग। स्लीपर में वेटिंग भी नहीं।
बराैनी मेल के थर्ड एसी में 70, सेकेंड एसी में 30 और स्लीपर में 130 वेटिंग है।
कुशीनगर एक्सप्रेस के थर्ड एसी, सेकेंड एसी और स्लीपर में वेटिंग भी नहीं है।
साबरमती एक्सप्रेस के थर्ड एसी, सेकेंड एसी और स्लीपर में वेटिंग भी नहीं है।
लोकमान्य तिलम एक्सप्रेस के थर्ड एसी में 30 और स्लीपर में 40 वेटिंग है। सेकेंड एसी में वेटिंग भी नहीं है।
गोरखपुर एक्सप्रेस के थर्ड एसी में 33, सेकेंड एसी में 12 और स्लीपर में 32 वेटिंग है।