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Jhansi News: कारकस प्लांट बनेगा, मृत पशु का चमड़ा, हड्डी की जाएगी अलग

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मुर्गा-मछली का खाना बनाने में किया जाएगा इस्तेमाल
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी में कारकस प्लांट की स्थापना होगी। इस प्लांट में मृत जानवरों के चमड़े और हड्डियों को अलग-अलग किया जाएगा। इनका इस्तेमाल मुर्गा-मछली का खाना बनाने में होगा। साथ ही टैलो फैट का उपयोग ग्रीस बनाने में किया जा सकेगा। शासन ने प्लांट की क्षमता संबंधी प्रस्ताव नगर निगम से मांग लिया है।
झांसी में रोजाना 45 से 50 जानवरों की मौत हो जाती है। इन जानवरों को लोग अक्सर खुले में फेंक देते हैं। इससे दुर्गंध आती रहती है और लोगों को उस स्थान से निकलना दूभर हो जाता है। इसके मद्देनजर शासन ने नगर निगम से कारकस प्लांट बनाने के लिए प्रस्ताव मांग लिया है। बताया गया कि नगर निगम प्रशासन की तरफ से 50 मृत जानवरों की क्षमता वाला प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। बताया गया कि अभी ये प्लांट लखनऊ में संचालित है। जबकि, कानपुर में बनकर तैयार है। आगरा, गाजियाबाद में प्लांट निर्माणाधीन है। इस प्लांट में मृत जानवर की चमड़ी और हड्डियों को अलग-अलग कर लिया जाएगा। चूंकि, कई जानवरों की मौत किसी न किसी बीमारी की वजह होती है। ऐसे में प्लांट की आधुनिक मशीन से चमड़ी को स्ट्रेलाइज कर लिया जाएगा। इससे संक्रमण पूरी तरह खत्म हो जाएगा। चमड़ी, हड्डी को कंपनियों को बेचा जाएगा। कंपनियां मृत पशुओं के चमड़े, हड्डी से मुर्गा-मछली का खाना बनाएंगी। टैलो फैट का उपयोग ग्रीस आदि बनाने में होगा।
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रोजाना 45 से 50 पशु दफनाए जाते
नगर निगम के पास रोजाना 45 से 50 पशुओं के मृत होने की सूचना पहुंचती है। मौके पर जाकर टीम के सदस्य मृत पशुओं को उठाकर ले आते हैं और फिर गड्ढा खोदकर उन्हें दफनाते हैं।
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कारकस प्लांट की स्थापना के संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। ये प्लांट स्थापित होने के बाद मृत पशुओं की हड्डी और चमड़े को अलग-अलग किया जा सकेगा। - राघवेंद्र सिंह, पशु कल्याण अधिकारी, नगर निगम।
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