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मां को फोन कर बोली नर्स बेटी ‘मैं बहुत टेंशन में हूं, मरने जा रही हूं’ और दे दी जान

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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में कार्यरत नर्स ने ड्रिप के जरिये खुद को नशीले इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे पहले उसने मां को फोन कर कहा कि ‘मैं बहुत टेंशन में हूं, मरने जा रही हूं’ और इसके बाद जान दे दी। हादसे से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका की मां ने बताया कि उसका अपने देवर से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, जिससे बेटी टेंशन में रहती थी। इसी परेशानी में उसने आत्महत्या कर ली।
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रक्सा थाना इलाके के पुनावली रोड निवासी रेलवे के रिटायर्ड टीसी रामशरण की बेटी कंचन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में संविदा पर नर्स के पद पर पिछले पांच सालों से कार्यरत थी। डेढ़ साल पहले उसकी शादी मप्र के पिछोर थाना इलाके के ग्राम खंदरका निवासी रेलवे में कार्यरत राजेश राजपूत के साथ हुई थी। यहां पति-पत्नी दोनों प्रेमनगर क्षेत्र में किराये का मकान लेकर रहते थे। रोजाना की तरह कंचन सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक की अपनी ड्यूटी पूरी कर तकरीबन तीन बजे घर लौटी थी। घर आने पर उसने पति से कहा था कि वह मां के पास जा रही है। बुधवार की सुबह वापस आ जाएगी। मां के घर पहुंचने पर वहां ताला पड़ा हुआ था। मां मिथिला देवी अपने दूसरे दामाद बृजपाल के साथ किसी काम से सीपरी बाजार आई हुई थी। घर की एक चाबी कंचन के पास थी, जिसके जरिये वह ताला खोलकर घर में दाखिल हो गई। शाम तकरीबन साढ़े सात बजे मां के मोबाइल पर कंचन ने फोन किया। उसने मां से कहा कि वह बहुत टेंशन में है और मरने जा रही है। इस पर मां घबरा गई और उसने उसे समझाने की कोशिश की, परंतु कंचन ने फोन काट दिया। मां ने तत्काल इसकी सूचना रक्सा थाना पुलिस को दी और खुद भी घर के लिए रवाना हो गई। सूचना पाकर तत्काल मौके पर पुलिस पहुंच गई। घर का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे पड़ोसियों की मदद से तोड़कर पुलिस अंदर दाखिल हुई। अंदर कंचन पलंग पर बेसुध अवस्था में पड़ी हुई थी। पास में ग्लूकोस की छोटी ड्रिप और बेहोशी के तीन-चार इंजेक्शन पड़े हुए थे। एंबुलेंस के जरिये आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज भेजा गया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतका की मां मिथिला देवी ने बताया कि उनका अपने देवर (कंचन के चाचा) से खेती की जमीन व पांच प्लॉटों को लेकर विवाद चल रहा है। कोर्ट में मुकदमा जारी है। इसके अलावा आए दिन विवाद की स्थिति बनी रहती है। इससे कंचन बेहद परेशान रहती थी। यहां तक कि वह मायके आने में डरती थी। इसी परेशानी में उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
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हादसे से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद कंचन का अंतिम संस्कार उसकी ससुराल पिछोर के खंदरका गांव में किया गया।
पांच बहनों में थी सबसे छोटी
झांसी। कंचन पांच बहनों में सबसे छोटी थी। कंचन से बड़ी बहन कामिनी भी मेडिकल कॉलेज में नर्स के पद पर तैनात है। हादसे के वक्त वो मेडिकल में अपनी ड्यूटी कर रही थी। पांचों बहनों का एक छोटा भाई अरुण भी था। तकरीबन दस साल पहले उसकी किडनी खराब हो गई थी। बड़ी बहन सरोज ने उसे एक किडनी दी थी। मुंबई में किडनी ट्रांसप्लांट हुई थी। बावजूद, भाई की जान नहीं बच पाई थी।
शादी के दिन हो गई थी पिता की मौत
झांसी। कंचन की शादी रेलवे में कार्यरत राजेश राजपूत के साथ 26 अप्रैल 2021 को हुई थी। उसी दिन उसके पिता रामशरण की मृत्यु हो गई थी। पिता की मौत कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से हुई थी। शादी के दिन तक कंचन अपने पिता की तीमारदारी में जुटी रही थी। बावजूद, वह नहीं बचे थे।
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